उपभोक्ताओं पर संबद्धता की मार, मनमानी कर रहे कोटेदार
मेरठ। राशन वितरण घोटाले के चलते निलंबित हुई दुकानों को अन्य दुकानों के साथ संबद्ध करने का विभागीय फार्मूला फेल साबित हो रहा है। इसका खामियाजा राशनकार्ड धारकों को उठाना पड़ रहा है और कोटेदार मनमानी कर रहे हैं। कोई कोटेदार जगह की कमी बताकर बेबसी दिखा रहा है तो कोई दबंगई पर उतारू है।
विभाग ने 150 दुकानों को निरस्त कर अन्य दुकानों से संबद्ध किया था। तय किया था कि जिस कोटेदार को अतिरिक्त राशन वितरण का जिम्मा मिला है, वह टाइम टेबल बनाकर दोनों जगह पर राशन बांटेगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। कोई अपनी दुकान से राशन बांटने की रस्म अदायगी कर रहा है तो कोई जगह नहीं होने की बात कहकर राशन बांटने से पीछा छुड़ा रहा है।
जल्द होगी दुकानों की लॉटरी
राशन घोटाले के चलते जिन दुकानों को निलंबित कर दूसरी दुकानों के साथ संबद्ध किया गया था, उनमें से 51 दुकानों का पहले चरण में आवंटन हो चुका है। वर्तमान में 93 दुकानें संबद्ध हैं। विभाग इन दुकानों की आवंटन प्रक्रिया शुरू कर चुका है। चर्चा है कि जल्द ही इनकी लॉटरी प्रक्रिया संपन्न कराई जा सकती है।
रास नहीं आ रही लाटरी व्यवस्था
राशन की दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया राशन माफिया को रास नहीं आ रही है। कोशिश की जा रही है कि दुकानों का आवंटन लॉटरी से न हो। विभाग लॉटरी प्रक्रिया की तैयारी में जुटा है। इससे राशन माफिया बेचैन हैं।
केस-1:
कालियागढ़ी के राशन डीलर की दुकान से दूसरे क्षेत्र की एक अन्य दुकान को अटैच किया गया था। राशन वितरण की व्यवस्था नहीं बनने से उपभोक्ताओं को राशन नहीं मिला। उचित स्थान नहीं मिलने से राशन वितरण प्रभावित हो गया।
केस-2:
लोहारपुरा में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान है। इस्लामाबाद की दुकान को इससे संबद्ध किया गया था। कुछ दिन तो काम ठीक हुआ। इसके बाद मनमानी शुरू हो गई। इस्लामाबाद के कार्डधारक राशन नहीं ले पा रहे हैं। ऐसे में कालाबाजारी की शिकायत बढ़ गई है।
वितरक से बात की गई है
जिला पूर्ति अधिकारी नीरज सिंह का कहना है कि जिन दुकानों की शिकायत मिली थी, उनको लेकर वितरक से बात की गई। लोगों को दिक्कत न हो, इसको लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए। जहां जगह न मिलने की शिकायत है, वहां जनप्रतिनिधियों के सहयोग से राशन वितरण की व्यवस्था कराई जा रही है।