फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अधिवक्ता आत्महत्या मामला: विधायक को बचाने के लिए पुलिस ने काटे कनेक्टिविटी के तार, लखनऊ तक खलबली 

Sat, 13 Feb 2021 10:38 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
अधिवक्ताओं को समझाते इंस्पेक्टर - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

मेरठ जनपद में गंगा नगर थाना क्षेत्र के मीनाक्षीपुरम में एक अधिवक्ता ने फांसी लगाकर जान दे दी।सुसाइड नोट में हस्तिनापुर विधायक दिनेश खटीक और एक ग्राम प्रधान पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। बताया गया कि अधिवक्ता का बेटा हाईकोर्ट में वकील है और उसका पत्नी से विवाद चल रहा है। इसी बात को लेकर दोनों में विधायक समझौता करा रहे थे।

विज्ञापन

 
अधिवक्ता की मौत के बाद गुस्साए वकीलों ने गंगानगर थाने में हंगामा किया। सुसाइड नोट के आधार पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की और विधायक के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद ही शव को उठने दिया।

वहीं हस्तिनापुर विधायक दिनेश खटीक को एफआईआर से बचाने के लिए कनेक्टिविटी के तार तक काट दिए। आठ घंटे तक पुलिस व अधिवक्ताओं के बीच खूब गहमागहमी हुई। यह मामला लखनऊ तक भी गूंज गया। अधिवक्ताओं ने फेसबुक, टि्वटर पर डीजीपी को इसकी जानकारी दी। काफी किरकिरी होने के बाद पुलिस ने विधायक को नामजद किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

अधिवक्ता ओंकार सिंह तोमर की खुदकुशी करने की सूचना पर इंस्पेक्टर गंगानगर बिजेंद्र सिंह राणा 11 बजे ईशापुरम पहुंचे थे। ओमकार तोमर के पास मिले सुसाइड नोट में भाजपा विधायक दिनेश खटीक का नाम देखते ही पुलिस में खलबली मच गई।

पुलिस ने सबसे पहले सुसाइड नोट को सील कर दिया। यह जानकारी पुलिस अधिकारियों को मिली तो वह भी मामले को रफा-दफा करने में लग गए। अधिवक्ता की मौत के मामले में विधायक का नाम एफआइआर से कैसे बचाए। इसको लेकर खूब प्रयास भी हुए। 

पुलिस मामले को खींचती रही और मेरठ कचहरी से अधिवक्ताओं का आना गंगा नगर थाने पर शुरू हो गया। बस फिर क्या था अधिवक्ताओं और पीड़ित परिवार ने एक सुर में कह दिया, जब तक विधायक समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं होगा और एफआईआर की कॉपी उनको नहीं मिलेगी। तब तक शव नहीं उठेगा और अधिवक्ता भी मवाना रोड पर जाम लगाकर बैठे रहेंगे।

पुलिस ने विधायक को बचाने के लिए तमाम प्रयास किए। यहां तक कि इंटरनेट की कनेक्टिविटी के तार तक भी काट दिया। पुलिस ने अधिवक्ताओं को बताया कि कनेक्टिविटी नहीं है। एफआईआर की कॉपी नहीं दी जा सकती। आठ घंटे गहमागहमी के बाद पुलिस ने विधायक सहित 14 लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया। 

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें