वकीलों से वार्ता करते एसएसपी अजय साहनी
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अधिवक्ता मुकेश शर्मा हत्याकांड में पुलिस ने चार आरोपियों को जेल भेज दिया। वहीं नासिर समेत तीन आरोपियों पर दस दस हजार का इनाम घोषित कर दिया गया। उधर हत्या से नाराज वकीलों ने सोमवार को कचहरी में बैठक बुलाई। इसके बाद तकरीबन सौ से ज्यादा वकील इक्ट्ठा होकर एसएसपी दफ्तर पर पहुंच गए और घेराव किया। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर मौजूद है।
मेरठ बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री रामकुमार शर्मा का आरोप है कि पुलिस ने आधा अधूरा खुलासा किया है। जिन्हें नामजद कराया गया है उन्हीं को जेल भेज दिया गया। पुलिस ने अधिवक्ता के भतीजे और रिश्तेदार को भी जेल भेज दिया।
हत्या क्यों की, इसका पुलिस सही खुलासा करे। हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद नहीं किया। इस संबंध में मेरठ बार एसोसिएशन और जिला बार एसोसिएशन के तत्वाधान में आपातकालीन बैठक का आयोजन किया जा रहा है।
अपराधियों को सुरक्षा, वकीलों की हत्या
रामकुमार शर्मा ने डीजीपी और मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर मांग की है कि मेरठ में अधिवक्ता हत्याकांड में पुलिस-प्रशासन की लापरवाही से हुई है। भूपेंद्र बाफर, तेल माफिया और अन्य लोगों को गलत तरीके से सुरक्षा दी गई। जबकि अधिवक्ता मुकेश शर्मा ने जान का खतरा जताते हुए 20 से अधिक बार सुरक्षा मांगी। लेकिन पुलिस-प्रशासन ने संज्ञान नहीं लिया। पुलिस-प्रशासन की लापरवाही से हत्या हुई है। फिलहाल पुलिस अधिकारी वकीलों से वार्ता कर रहे हैं।