फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Meerut News: उत्तम आर्जव धर्म अपनाकर मन, वचन और कर्म को बनाएं सरल

विज्ञापन
प्राचीन दिगंबर जैन बड़े मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु स्रोत मंदिर
विज्ञापन
पर्यूषण पर्व के तीसरे दिन श्रीजी का अभिषेक, महामंडल विधान में हुई शांतिधारा
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। पौराणिक नगरी में स्थित श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर में पर्यूषण पर्व के तीसरे दिन श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से भगवान जिनेंद्र देव की पूजा-अर्चना की। सर्वप्रथम मुख्य वेदी में विराजमान श्रीजी का अभिषेक किया गया। इसके बाद मल्लिनाथ भगवान के समवशरण में चल रहे श्री 1008 तीन लोक महामंडल विधान में शांतिधारा की गई। शांतिधारा करने का सौभाग्य प्रमोद जैन, सुशीला जैन और निखिल जैन परिवार को प्राप्त हुआ।
मुनि प्रतीक सागर महाराज ने उत्तम आर्जव धर्म पर प्रवचन करते हुए कहा कि पर्यूषण पर्व का तीसरा दिन उत्तम आर्जव धर्म को समर्पित है। धर्म का जीवन में प्रवेश होने पर अधर्म का नाश होता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को छल, कपट और मायाचारी से रहित सरल व्यवहार अपनाना चाहिए। प्रतीक सागर महाराज ने कहा कि उत्तम आर्जव धर्म हमें मन, वचन और काय के टेढ़ेपन को समाप्त कर सरल बनने की प्रेरणा देता है।
विज्ञापन

महामंडल विधान के तृतीय वलय के 96 और 169 अर्घ्य मंडल पर समर्पित किए गए। विधान में ऋषभ जैन, विपिन जैन, मनोज जैन, प्रमोद जैन, प्रवीण जैन, अनिल जैन, विनोद जैन, आदि श्रद्धालुओं को अर्घ्य चढ़ाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। अध्यक्ष जीवेंद्र कुमार जैन ने उत्तम आर्जव धर्म पर प्रवचन किया। महाआरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
विज्ञापन

धार्मिक क्रियाएं विधानाचार्य आशीष जैन शास्त्री और दिलीप जैन शास्त्री ने संपन्न कराई। संचालन क्षेत्र के सदस्य एवं विधान संयोजक विजय कुमार जैन ने किया। क्षेत्र के कोषाध्यक्ष राजेंद्र कुमार जैन, प्रवीण जैन, प्रबंधक मुकेश जैन, अतुल जैन, उमेश जैन, कमल जैन, शुभम जैन आदि ने सहयोग किया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें