उत्तर प्रदेश के बागपत के बरसिया गांव में जिला पंचायत सदस्य शाहिदा बेगम के घर पुलिस व प्रशासनिक अमला टीम के साथ पहुंचा। यहां पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी टीम के साथ जेसीबी से मकान तोड़ने पहुंचे थे लेकिन उन्हें ग्रामीणों का विरोध करना पड़ा। इस दौरान ग्रामीणों की अधिकारियों से झड़प भी हो गई। जिसके बाद टीम बिना कार्रवाई किए ही वापस लौट गई।
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जानकारी के अनुसार बरसिया गांव में जिपं सदस्य शाहिदा के घर को तोड़ने के लिए जैसे ही टीम पहुंची तो ग्रामीण एकत्र हो गए और टीम का जमकर विरोध कर दिया। टीम ने लोगों को समझाने की कोशिश की लेकिन ग्रामीण नहीं माने। ग्रामीणों को कहना था कि यदि जिला पंचायत सदस्य का मकान टूटेगा तो सभी के मकान टूटेंगे। वरना किसी का नहीं तोड़ने दिया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना था कि बीजेपी की मनमानी नहीं चलेगी। वहीं ग्रामीणों के जबरदस्त विरोध के बाद टीम को बैरंग वापस लौटना पड़ा। सूचना मिलने पर रालोद के राष्ट्रीय सचिव डॉ कुलदीप उज्ज्वल और अहमद हमीद भी पहुंचे। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई पर आक्रोश व्यक्त किया।