कुख्यात अपराधी आदित्य राणा के फरार होने के बाद से ही पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। उस पर दर्ज मुकदमों को देखते हुए एसटीएफ को भी जिम्मेदारी दी गई। पुलिस ने बरेली से लेकर हरदोई तक सीसीटीवी कैमरों को खंगाला। तस्वीर दिखाकर टोल टैक्स पर भी पूछताछ की। पुलिस सर्विलांस के जरिये भी लोकेशन ट्रेस की गई लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं लग सका। इसके बाद उस पर ढाई लाख का इनाम घोषित कर दिया गया।
ढाई लाख का इनामी कुख्यात आदित्य राणा हर बार पुलिस को चकमा देता रहा। पिछले दिनों आदित्य राणा के सरेंडर करने की अफवाह पर भी पुलिस चौकन्नी रही। यही नहीं वह दो बार पुलिस को चकमा देकर हिरासत से और चार बार पुलिस घेराबंदी व फायरिंग के बीच भाग चुका था। हाल ही में हुई एक पुलिस ने एक मुठभेड़ में उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया था लेकिन वह फरार होने में कामयाब हो गया था।
बिजनौर, लखनऊ, मुरादाबाद आदि जिलों में आदित्य राणा पर मुकदमे दर्ज हैं। उसके भागने के बाद से लखनऊ के अधिकारी अलर्ट हो गए थे। उन्होंने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ को लगाया। एसओजी समेत पुलिस की तीन टीमों को कुख्यात आदित्य की तलाश में लगाया गया था। आखिरकार पुलिस को कामयाबी मिली।
राणा नंगला बिजनौर निवासी आदित्य पर हत्या, लूट सहित 40 से अधिक मुकदमे विभिन्न थानों में दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक 23 अगस्त 2022 को शिवाला कलां थाने में दर्ज एक मामले की सुनवाई के लिए पुलिस आदित्य राणा को लखनऊ जेल से बिजनौर लाई थी। यहां से लौटते समय शाहजहांपुर के रेड चिली ढाबे से पुलिस को चकमा देकर आदित्य राणा फरार हो गया था। इसके बाद आदित्य को प्रदेशीय माफिया घोषित करने के साथ ही उस पर ढाई लाख रुपये का इनाम कर दिया गया था। तभी से पुलिस इसकी तलाश में जुटी थी।
एसपी नीरज कुमार जादौन के मुताबिक मंगलवार देर रात एसओजी टीम को सूचना मिली कि आदित्य और उसके साथी बुढ़नपुर मार्ग पर हैं। मौका मिलते ही टीम ने घेराबंदी शुरू कर दी। अब तक पुलिस आदित्य गैंग के आठ से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें उसका ग्राम प्रधान भाई चंद्रवीर बिट्टू भी शामिल है। मुठभेड़ में स्योहारा थाना प्रभारी राजीव चौधरी, हमराह अजय कुमार फौजी, एसओजी इंस्पेक्टर जयवीर सिंह, सिपाही अरुण व रईस घायल हुए हैं।