मेरठ। सीसीएसयू के सर छोटूराम इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान की ओर से सोमवार को अटल सभागार में ‘स्वास्थ्य जागरूकता वार्ता’ का आयोजन किया गया। मैक्स अस्पताल दिल्ली के श्वास रोग विभाग के निदेशक डॉ. आशीष जैन ने कहा कि सिगरेट, तंबाकू, वैप सहित अन्य नशे में पाए जाने वाले रसायन फेफड़ों को धीरे-धीरे खराब कर देते हैं। नशा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम करता है। किशोरावस्था में नशा दिमागी विकास को रोकता है। इससे स्मरण शक्ति, निर्णय क्षमता और आत्मविश्वास पर बुरा असर पड़ता है।
डॉ. आशीष जैन ने कहा कि नशे से बाहर निकलना कठिन जरूर है, पर असंभव नहीं। परिवार, मित्र और शिक्षक यदि साथ दें तो युवा आसानी से नशामुक्त जीवन की ओर लौट सकते हैं। भाजपा के महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी ने कहा कि जो युवा नशे से दूर रहते हैं, वही देश को आगे बढ़ाते हैं। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अवनीश त्यागी, गोपाल अग्रवाल, केके यादव और अतुल त्यागी ने छात्रों से संवाद किया।
विश्वविद्यालय के निदेशक शोध प्रो. बीरपाल सिंह ने कहा कि नशा केवल स्वास्थ्य का ही नहीं, बल्कि समाज और शिक्षा दोनों का बड़ा मुद्दा बन चुका है। संस्थान के निदेशक डॉ. नीरज सिंघल ने कहा कि छात्रों का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य संस्थान की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
चीफ वार्डन प्रो. दिनेश कुमार ने सभी छात्रों को नशामुक्त रहने की शपथ दिलाई। संचालन डॉ. दिव्या शर्मा ने किया। इस अवसर पर डॉ. शिवम गोयल, डॉ. गौरव त्यागी, निधि भाटिया, कंचन वर्मा, अर्पित छाबड़ा, आदर्श उपाध्याय, निशा, हेमा, अदिति आदि उपस्थित रहे।