उप गन्ना आयुक्त ने चीनी मिलों और बाजारों में की जांच-पड़ताल
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। चीनी की कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। अगर मेरठ में किसी के भी द्वारा चीनी की जमाखोरी की गई तो उसके खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाएगी। यह बात मेरठ परिक्षेत्र के उप गन्ना आयुक्त यशपाल सिंह ने कही। उन्होंने सोमवार को मिलों, गोदामों में चीनी की जांच कर सत्यापन किया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी भी उनके साथ रहे।
यशपाल सिंह ने बताया कि शासन के दिशा-निर्देशों के बाद में मेरठ परिक्षेत्र में चीनी के स्टॉक, बिक्री और उपलब्धता की लगातार निगरानी की जा रही है। जिला प्रशासन और गन्ना विभाग की ओर से पर्याप्त स्टॉक के बावजूद किसी भी स्तर पर जमाखोरी, कालाबाजारी अथवा कृत्रिम अभाव की स्थिति उत्पन्न नहीं होने दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि मेरठ परिक्षेत्र में निगरानी को तकनीक आधारित बनाया गया है। संबंधित जिला गन्ना अधिकारियों को एसजीके पोर्टल पर निर्धारित प्रारूप में चीनी मिलों के दैनिक स्टॉक की सूचना आंकड़ों सहित दिए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन और गन्ना विभाग की संयुक्त टीम ने सोमवार को चीनी मिलों के साथ-साथ बाजार में चीनी डीलरों, थोक विक्रेताओं और बड़े उपभोक्ताओं के स्टॉक पर भी जांच की।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में मेरठ परिक्षेत्र में 2,69,672.46 मीट्रिक टन चीनी का स्टॉक उपलब्ध है। चीनी डीलरों किसी भी समय 400 मीट्रिक टन से अधिक चीनी का स्टॉक रखने की अनुमति नहीं है। इसी प्रकार 10 मीट्रिक टन अथवा उससे अधिक मासिक खपत वाले बल्क कंज्यूमर्स के लिए भी 15 दिनों से अधिक अवधि तक चीनी का स्टॉक रखने पर प्रतिबंध है।
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