पंचायत में तय हुआ कि समीर का भाई शाहिद सलमान को नौ लाख रुपये देगा। तीन लाख रुपये सलमान को दे दिए गए। छह लाख रुपये किस्तों में देने की बात तय हुई। इसकी जानकारी लिसाड़ीगेट थाने में तैनात दरोगा महेंद्र, सिपाही हेड कांस्टेबल विकास और कांस्टेबल ओमवीर को मुखबिर से मिल गई। तीनों पुलिसकर्मी 30 अक्तूबर को शाहिद को थाने ले आए। आरोप है कि 31 अक्तूबर की रात दो लाख रुपये वसूल कर शाहिद को छोड़ दिया।
मंगलवार सुबह तीनों पुलिसकर्मियों ने सलमान को उसके घर से उठा लिया। थाना परिसर में एक निजी कमरे में अवैध हिरासत में रखकर जमकर पिटाई की। व्हाट्सएप कॉल पर समीर से बात कराई। सलमान से कहलवाया गया कि समीर के भाई शाहिद से वह अब छह लाख रुपये नहीं लेगा। मामले में पुलिसकर्मियों पर आठ लाख की वसूली का आरोप लगा।
सलमान के परिजन एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह के पास पहुंचे और पूरे प्रकरण की जानकारी दी। इसके बाद सलमान को थाने से छोड़ा गया। थाने से बाहर आने पर सलमान ने शरीर पर चोट के निशान दिखाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था।
अवैध हिरासत में तस्करी करने वालों के संबंध में की पूछताछ
थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में सलमान ने बताया कि 12 नवंबर को लिसाड़ी गेट थाने में तैनात दरोगा महेंद्र, सिपाही हेड कांस्टेबल विकास और कांस्टेबल ने उसे अवैध हिरासत में थाने की ऊपरी मंजिल पर रखा और मारपीट की। उससे सोना तस्करी करने वालों के बारे में पूछ रहे थे। लेकिन सलमान को उनकी कोई जानकारी नहीं थी।
थाने के क्वार्टर में रह रहा था बाहरी युवक भूरा
लिसाड़ी गेट थाने की छत पर बने पुलिस क्वार्टर में भूरा नाम का बाहरी युवक रह रहा था। आरोप है कि भूरा पुलिस के लिए वसूली करता है। अवैध हिरासत में लिए गए लोगों को उसके कमरे में रखा जाता था। शाहिद और सलमान को भी इसी कमरे में रखा गया था।
एसएसआई ने भूरा के सरकारी क्वार्टर में रहने का विरोध भी किया था। जिसके बाद उनकी थाना प्रभारी से कहासुनी भी हो गई थी। सलमान का मामला सामने आने पर भूरा फरार हो गया। इस मामले में पुलिस अधिकारी अभी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं और जांच की बात कह रहे हैं।
तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर निलंबित कर दिया है। एसपी सिटी की जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई की गई है। अभी मामले में जांच जारी है। - डॉ. विपिन ताडा, एसएसपी