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मेरठ : झूला खरीद घोटाला में अधिशासी अभियंता समेत तीन पर गिरी गाज, नगर निगम में मचा हड़कंप

Tue, 01 Jun 2021 08:49 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

शासन के आदेश पर पूर्व मंडलायुक्त अनीता सी. मेश्राम ने नगर आयुक्त के माध्यम से सहायक नगर आयुक्त ब्रजपाल सिंह से जांच कराई थी। जांच में झूला खरीद में बड़े पैमाने पर अनियमितता मिली थी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ नगर निगम के झूला घोटाले की आरोपी अधिशासी अभियंता नीना सिंह, सहायक अभियंता राजपाल यादव और अवर अभियंता राजेंद्र सिंह पर शासन की गाज गिर गई है। शासन ने तीनों को मुख्यालय से संबद्ध करते हुए मामले की जांच अपर आयुक्त (प्रशासन) को सौंप दी है। शासन की इस बड़ी कार्रवाई से नगर निगम में हड़कंप मचा है। मामले की जांच विजिलेंस में भी चल रही है।
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करीब ढाई साल पहले पूर्व नगर आयुक्त मनोज चौहान के समय नगर निगम ने शहर के विभिन्न पार्कों में दो करोड़ की लागत से 231 झूले लगाए थे। पूर्व पार्षद यासीन पहलवान की शिकायत पर राज्यसभा सांसद ठाकुर विजयपाल सिंह तोमर ने झूला खरीद में लाखों रुपये का घोटाला होने का आरोप लगाया था। उन्होंने इसकी शिकायत सीएम और नगर विकास मंत्री से करके उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी।

शासन के आदेश पर पूर्व मंडलायुक्त अनिता सी. मेश्राम ने नगर आयुक्त के माध्यम से सहायक नगर आयुक्त ब्रजपाल सिंह से जांच कराई थी। जांच में झूला खरीद में बड़े पैमाने पर अनियमितता मिली थी। जांच में पाया गया था कि बिना मार्केट सर्वे और अन्य प्रक्रिया अपनाए झूलों की खरीद की गई। जांच में झूलों का वजन कहीं 210 किलोग्राम तो कहीं पर 180 किलोग्राम मिला था।
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झूला खरीद अधिशासी अभियंता नीना सिंह, सहायक अभियंता राजपाल यादव और अवर अभियंता राजेंद्र सिंह ने की थी। जांच के आधार पर तीनों को दोषी मानते हुए डॉ अरविंद चौरसिया ने तीनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की थी। इस मामले में शासन ने तीनों पर गाज गिराते हुए नगर विकास विभाग लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है। साथ ही मामले की जांच अपर आयुक्त प्रशासन को सौंप दी है।

अपर मुख्य सचिव नगर विकास डॉ रजनीश दूबे का इस संबंध में जारी किया पत्र नगर निगम पहुंच गया है। नगर आयुक्त मनीष बंसल ने बताया कि झूला घोटाले में शासन ने तीनों आरोपी अभियंताओं पर कार्रवाई की है। मामले की जांच अपर आयुक्त प्रशासन को सौंपी है। जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा।  

92 लाख रुपये का हो चुका भुगतान 
शहर के विभिन्न पार्कों में लगाए गए 231 झूलों की खरीद प्रति झूला 84 हजार से अधिक में की गई है। श्जबकि बाजार मूल्य 44 हजार के आसपास मिला था। 231 झूलों में से 110 झूलों का करीब 92 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। 121 झूलों का एक करोड़ एक लाख 74 हजार 164 रुपये का भुगतान होना बाकी है। 
 
चहेते ठेकेदार को दिय गया था ठेका 
झूला लगाने वाली फर्म अक्षय एसोसिएट्स निगम अधिकारियों और अभियंताओं की चहेती फर्म रही है। कुछ समय पूर्व तक निगम के अधिकतर ठेके इसी फर्म को दिए जाते रहे हैं। कान्हा उपवन से लेकर झूला और अन्य कार्य भी इसी फर्म ने किए थे। अब इस फर्म का यह पहला घोटाला सामने आया है। 
 
विजिलेंस भी कर रही मामले की जांच 
सीएम के निर्देश पर झूला प्रकरण की जांच विजिलेंस भी कर रही है। काफी दिन तक विजिलेंस टीम को निगम अधिकारियों ने घोटाले की फाइल ही मुहैया नहीं कराई थी। एसपी विजिलेंस ने मुख्य अभियंता निर्माण को पत्र भेजकर इस संबंध में चार सवाल पूछे थे। बाद में दबाव बनने के बाद कुछ सवालों के जवाब देते हुए पत्रावली उपलब्ध कराई थी।
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