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त्योहारी सीजन में मिलावट पर चलेगा डंडा   

Wed, 19 Oct 2016 01:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
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दुकान पर बिक्री के लिए रखीं मिठाइयां। - फोटो : अमर उजाला
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 वैसे तो त्योहारी सीजन में ही एफडीए को कड़ी कार्रवाई की याद आती है। लेकिन इस बार विरोध को झेलने के लिए भी पूरी तैयारी है। खाद्य पदार्थों में मिलावट की संभावना को देखते हुए खाद्य एवं औषधि सुरक्षा विभाग  (एफडीए) ने इस बार पुख्ता योजना बनाई है। वहीं, शासन ने कहा है कि अगर कहीं पर व्यापारी विरोध करते हैं तो स्थानीय प्रशासन पूरी पुलिस फोर्स मुहैया कराये। शहर में नगर मजिस्ट्रेट पूरे अभियान पर निगरानी रखेंगे तो ग्रामीण क्षेत्र में सभी तहसीलों के एसडीएम को फोर्स मुहैया कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 
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एफडीए की तरफ से दो टीम बनाई गई हैं। एक मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी जेपी सिंह की निगरानी में काम करेगी, जबकि दूसरी अभिहित अधिकारी वीके वर्मा के निर्देशन में सैंपल भरेगी। दोनों ही टीमों में आठ-आठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी शामिल किए गए हैं। सैंपलिंग के लिए शहर, कैंट और देहात को जोन में बांटा गया है। अभियान के लिए कुछ खास प्रोडक्ट को चिन्हित किया गया है। जिनमें दूध व उससे तैयार होने वाले उत्पाद, मसाले, सॉस और कलर युक्त मिठाईयां शामिल हैं। एफडीए ने स्थानीय प्रशासन को व्यापारियों के विरोध की जानकारी दी तो फैसला लिया गया है कि अगर कहीं पर ज्यादा विरोध हो तो फोर्स के साथ सैंपल भरे जाएं। 
व्यापारी चाहते हैं न हो सैंपलिंग 
संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता और महामंत्री अरुण वशिष्ठ ने कहा था कि एफडीए त्योहारी सीजन में सैंपलिंग ना करें। अगर सैंपलिंग होती है तो विरोध किया जाएगा। उधर, कहा जा रहा है कि जिला प्रशासन ने एफडीए से एरिया और दिन के हिसाब से प्लान मांगा था ताकि संबंधित थाने को पहले से अलर्ट रखा जा सके। वहीं, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी जेपी सिंह का कहना है कि हमारा उद्देश्य किसी को प्रताड़ित करना या उसका कारोबार प्रभावित करना नहीं है। विभाग चाहता है कि शांतिपूर्ण तरीके से सैंपलिंग हो। जिसमें व्यापारियों को सहयोग करना चाहिए। 
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मिलावट पर चार लाख का आर्थिक दंड
एडीएम सिटी मुकेश चंद्र की कोर्ट ने मिलावट के चार मुकदमों में फैसला सुनाते हुए चार लाख का आर्थिक दंड लगाया है। इनमें कोटेड क्रिम्पीज प्रोडक्ट बनाने वाली दो कंपनियों और मेरठ में प्रोडक्ट के विक्रेता पर संयुक्त रूप से डेढ़ लाख का आर्थिक दंड लगाया गया है। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी जेपी सिंह ने बताया है कि कोटेड क्रिम्पीज प्रोडक्ट का सैंपल मैक डोनाल्ड फैमिली रेस्टोरेंट पीवीएस शास्त्रीनगर से भरा गया था, जिस पर प्रोडक्ट संबंधी सूचना प्रिंटेड नहीं थी बल्कि अलग से स्टीकर लगाया गया था। यह फूड सेफ्टी एक्ट के हिसाब से गलत है। वहीं, जसड़ सुल्तान नगर सरुरपुर निवासी वकील पुत्र शौकीन पर भी डेढ़ लाख का जुर्माना लगाया गया है। मिठाई लोहे के खुले टब में रखना और उसमें गंदगी पाए जाने पर जुर्माना लगाया गया है।
पंजाब स्वीट्स के मालिक पर भी जुर्माना
घटिया क्वालिटी के बेसन में रंग लगाकर बर्फी बनाकर बेचने पर गंगानगर स्थित पंजाब स्वीट्स के मालिक पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगा है। एडीएम ने पंजाब स्वीट्स के मालिक मुकेश अग्रवाल को सख्त हिदायत दी है कि भविष्य में ऐसी मिठाई ना बनाकर बेची जाए। जेपी सिंह का कहना है कि पंजाब स्वीट्स की तरफ से दावा किया जा रहा था कि वो शुद्ध क्वालिटी की मिठाई बेचते हैं जबकि जांच में पता चला कि बेसन घटिया क्वालिटी का था और मिठाई बनाने के लिए रंग लगाया गया था, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
पंचवटी चांद सितारे पर भी जुर्माना
कोर्ट ने पंचवटी चांद सितारे टैबलेट (पैक्ड) पर बैच नंबर, निर्माण तिथि व अन्य जानकारी अंकित ना होने पर निर्माता पारखी बिजनेस प्राइवेट लिमिटेड मोहकमपुर दिल्ली रोड पर भी 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। 

विभाग केवल त्योहार पर ही क्यों औपचारिकता करता है। व्यापारियों के उत्पीड़न के लिए ऐसे काम किए जाते हैं। विभाग के पास अपनी टीम है तो व्यापारी भी चुप नहीं बैठेंगे। टीम का बाजारों में घेराव किया जाएगा।- नवीन गुप्ता, अध्यक्ष, संयुक्त व्यापार संघ 
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