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सीसीएसयू: डिग्री-मार्कशीट दलाली में दो कर्मचारियों पर कार्रवाई, अमर उजाला ने किया था खुलासा

Fri, 01 Nov 2019 04:58 PM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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सीसीएसयू
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डिग्री और मार्कशीट बनवाने में दलाली खाने वाले दो कर्मचारियों पर चौधरी चरण सिंह विवि ने कार्रवाई की है। दोनों को घूसखोरी के चलते सात माह पहले सस्पेंड किया गया था। कार्य परिषद की बैठक के बाद छात्र सहायता केंद्र पर तैनात वरिष्ठ सहायक कपिल कुमार की एक वर्ष की वार्षिक वेतन वृद्धि रोकी गई है। वहीं जॉनी कुमार को प्रतिकूल प्रविष्टि देने और सर्विस बुक में दर्ज करने का निर्णय लिया गया है। अब इनको महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। अतिरिक्त कार्य भी करना होगा।

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अमर उजाला ने 26 मार्च के अंक में सीसीएसयू में डिग्री-मार्कशीट और अन्य प्रमाण पत्रों को बनाने में हो रहे भ्रष्टाचार को उजागर किया था। स्टिंग में सामने आया था कि विवि में कर्मचारी दलालों के माध्यम से 600 से 15 सौ रुपये तक में रोजाना मार्कशीट और डिग्री दे रहे थे। रिश्वत नहीं देने वाले छात्रों को महीनों चक्कर काटना पड़ता था। प्रकरण का खुलासा होने पर कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने सारे रिकॉर्ड तलब किए थे। जांच में पता चला कि रोज 30 से 40 डिग्री और प्रोविजनल प्रमाण पत्र घूस लेकर बनाए जा रहे थे। 25 मार्च को गाजियाबाद से आए बीडीएस के छात्र-छात्राओं को भी 13 प्रोविजनल प्रमाण पत्र नौ हजार रुपये घूस लेकर दिए गए थे।

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प्रारंभिक जांच में आरोप सही मिलने पर कुलपति ने छात्र समस्या निवारण केंद्र पर तैनात जॉनी शर्मा और कपिल कुमार को सस्पेंड कर दिया था। मामले की जांच तीन सदस्यीय कमेटी ने की। जांच में दोनों को दोषी पाया गया। बृहस्पतिवार को कार्य परिषद की बैठक में दोनों पर कार्रवाई के बाद बहाल किया गया। कुलपति ने स्पष्ट किया कि आगे से ऐसे मामले सामने आए तो सीधे बर्खास्तगी की कार्रवाई होगी।

समिति के सदस्यों ने दी त्वरित रिपोर्ट
घूसखोरी के मामले में समिति के सदस्यों ने त्वरित जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपी। समिति में प्रो. जयमाला, प्रो. वीरपाल सिंह, प्रो. एसके दत्ता थे। कुलपति ने समिति के सदस्यों की तरह दूसरी समितियों के सदस्यों को भी पुरानी जांचों में त्वरित रिपोर्ट देने को कहा है।

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