- परिजनों ने जिलाधिकारी व एसएसपी से लगाई थी गुहार, पोस्टमार्टम के लिए भेजा
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के समर गार्डन में विवाहिता हीना की 9 मई की रात संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई थी। ससुराल वालों ने बिना कानूनी कार्रवाई के शव दफना दिया था। मायके वालों ने दहेज हत्या का आरोप लगाकर 23 मई को जिलाधिकारी वीके सिंह व एसएसपी अविनाश पांडेय से शिकायत की थी। डीएम के आदेश पर सोमवार को सिटी मजिस्ट्रेट नवीन कुमार श्रीवास्तव व सीओ कोतवाली अभिषेक पटेल की मौजूदगी में शव को एक महीने बाद कब्र से बाहर निकाला गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस के अनुसार, परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के गांव अमरसिंहपुर निवासी रूकसाना ने 23 मई को एसएसपी ऑफिस पर शिकायती पत्र दिया था। बताया था कि उसकी बेटी हीना निकाह 10 जून 2020 को लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के समर गार्डन निवासी सुऐब के साथ हुआ था।आरोप लगाया कि निकाह में दिए दान-दहेज से पति समेत ससुराल वाले खुश नहीं थे। महिला पर ससुरालियों द्वारा अतिरिक्त दहेज का दबाव बनाया जा रहा था। आठ मई की रात में रूकसाना ने पति के मोबाइल से अपने परिजनों को कॉल कर जान बताया था। नौ मई को सूचना मिली की कि रूकसाना की हॉर्ट अटैक से मौत हो गई है।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि जब वे मौके पर पहुंचे तो देखा की रूकसाना की गर्दन एक तरफ लटकी हुई थी। गले पर नीले रंग के निशान थे और शरीर पर नाखून व खून के निशान थे। मौके पर हंगामा के स्थिति बन गई थी। सूचना पर पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे थे। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने महिला व उसके परिजनों को ही धमका दिया था। इसके बाद ससुराल वालों ने बिना पोस्टमार्टम के शव को दफना दिया था।परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया था। पीड़िता ने डीएम और एसएसपी से मामले में शव कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम कराए जाने की मांग की थी।
सोमवार को डीएम के आदेश पर सिटी मजिस्ट्रेट व सीओ कोतवाली पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। कब्रिस्तान से शव निकलवाया। बाद में पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण पता चलेगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।