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कमियां छिपाने के लिए विधायकों पर लगाए आरोप

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मवाना। कृषक पीजी कॉलेज की सचिव द्वारा पहले विधायक दिनेश खटीक तथा अब विधायक जितेंद्र सतवाई पर संरक्षण देने के आरोप अपनी कमियां छिपाने के लिए लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि वे मंत्री द्वारा कराए गए फैसले पर अब भी अडिग हैं। पीजी कॉलेज की सचिव एवं उनके पति स्वयं फैसले को नकार रहे हैं। ये आरोप कृषक इंटर कॉलेज की प्रबंध समिति के पदाधिकारियों ने बुधवार को पत्रकारों से वार्ता के दौरान लगाए है।
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कृषक इंटर कॉलेज की प्रबंध समिति पदाधिकारियों ने कहा कि कृषक पीजी कॉलेज की सचिव सच्चाई से ध्यान हटाने के लिए विधायकों को इस मामले में घसीट रही हैं। सचिव ऐसा झूठा आरोप कब तक लगाएंगी जबकि दोनों विधायक एवं मंत्री को समाज के गण्यमान्य व्यक्तियों द्वारा बुलाया गया था। अब खुद उनके द्वारा किए गए फैसले से बचकर विधायकों एवं मंत्री को पति-पत्नी बदनाम कर रहे हैं। मंत्री एवं दोनों विधायकों द्वारा पांच सदस्यीय समिति गठित की गई है। हम अब भी उस फैसले पर अडिग हैं। हालांकि पीजी कॉलेज की सचिव एवं उनके पति फैसले को नकार रहे हैं।
कृषक पीजी कॉलेज की सचिव का कहना है कि कॉलेज कृषि फार्म की आय से शिक्षकों का मानदेय दिया जाता है। हालांकि कृषि फार्म की आय आडिट के अनुसार कॉलेज के किसी भी खाते में जमा नहीं की गई है। प्रबंध समिति ने सवाल उठाते हुए कहा कि फिर मानदेय कहां से दिया जाता है। पीजी कॉलेज की सचिव का कहना है कि कॉलेज में शिक्षकों के 20 पद स्वीकृत हैं और छह शिक्षक कार्यरत हैं। ऐसा होने के बावजूद सचिव इन छह शिक्षकों में से दूसरे कॉलेज में स्थानांतरण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र क्यों दे रही हैं। अजीत सिंह (अर्थशास्त्र) यहां से स्थानांतरण करा चुके हैं। कृषक पीजी कॉलेज की भूमि जो फर्द में उसके नाम है, उसकी आय आज तक कॉलेज के किसी खाते में जमा नहीं कराई गई है। यदि ऐसा नहीं है तो किस खाते में जमा कराई है उसका अवलोकन कराया जाए। इस अवसर पर प्रबंध समिति अध्यक्ष उत्तम कुमार, प्रबंधक अजय सिंह, कोषाध्यक्ष विमल कुमार, सदस्य दीपक कुमार, सेंसरपाल, शिक्षक नरेशपाल एवं अशोक कुमार आदि उपस्थित रहे।
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फैसला उन्होंने नहीं नकारा...
मवाना। कृषक पीजी कॉलेज की सचिव अर्चना वर्मा ने कहा कि फैसला इंटर कॉलेज ने नकारा है। इंद्रजीत एवं अजित इंटर कॉलेज के साथ हर प्रेस कांफ्रेंस में रहे हैं। कृषक पीजी कॉलेज के प्रबंधक अजय सिंह द्वारा फैसले के तीन दिन बाद उक्त व्यक्तियों से विरुद्ध उप जिलाधिकारी के यहां प्रार्थना पत्र दिया। यह भी आरोप लगाया कि विद्युत निगम में प्रार्थना पत्र दिया। जिसमें ट्यूबवेल का कनेक्शन कटवाने का आग्रह किया गया है। हमारी कृषि आय विधिवत सोसायटी के खाते में जमा होती है। उपजिलाधिकारी को जांच में इसकी जानकारी दी गई है। चारा इंटर कॉलेज वालों ने कटवाया है, उसका पैसा कहां गया वे ही बताएंगे।
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