स्कूल के चपरासी की शिकायत पर एंटी करप्शन ने पकड़ा, पेंशन पत्रावली के निस्तारण के नाम पर मांगी थी रिश्वत
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। कचहरी परिसर से शुक्रवार को एंटी करप्शन की टीम ने डीआईओएस कार्यालय के लेखाधिकारी राजीव सिंघल को स्कूल के चपरासी से 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। टीम को देखकर आरोपी ने रिश्वत की रकम फेंक दी, लेकिन एंटी करप्शन की टीम ने उसे पकड़ लिया। एंटी करप्शन निरीक्षक मयंक अरोड़ा की तहरीर पर सिविल लाइन थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
मवाना कस्बा के मोहल्ला काबली गेट निवासी महिपाल सिंह अटौरा गांव में स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में चपरासी हैं। इसी माह 31 जुलाई को वह रिटायर्ड होने वाले हैं। उनके पेंशन और अन्य सेवा संबंधी अभिलेख तैयार होने थे। इसके लिए शास्त्रीनगर निवासी लेखाधिकारी राजीव सिंघल 25 हजार रुपये की मांग कर रहा था। महिपाल ने तीन दिन पहले एंटी करप्शन थाने में इसकी शिकायत की थी। शुक्रवार की दोपहर एक बजे महिपाल ने लेखाधिकारी राजीव को पैसे देने के लिए फोन किया। आरोपी ने तीन घंटे तक उनको कई जगह घुमाया। इसके बाद कचहरी परिसर में गेट नंबर तीन के पास बुलाया। इस दौरान एंटी करप्शन की टीम भी मुस्तैद रही। कचहरी परिसर में लेखाधिकारी ने जैसे ही महिपाल से 25 हजार रुपये लिए, एंटी करप्शन टीम ने आरोपी को दबोच लिया। सीओ एंटी करप्शन रितेश तिवारी ने बताया कि शनिवार को उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा।
20 हजार लेकर भी नहीं किया था काम
पीड़ित महिपाल ने बताया कि लेखाधिकारी राजीव सिंघल उससे काम के करने के नाम पर 20 हजार रुपये ले लिए थे। पैसे लेने के बाद भी वह काम नहीं कर रहा था। अलबत्ता 25 हजार रुपये की और मांग करने लगा।