आबादी के बीचोबीच शुक्रवार को गुब्बारे में गैस भरते समय सिलेंडर फटने से गुब्बारा विक्रेता के चिथड़े उड़ गए। हादसे के दौरान वहां मौजूद तीन मासूम भी घायल हो गए। जोरदार धमाके से इलाके में भगदड़ के साथ अफरातफरी फैल गई। गुब्बारा विक्रेता के शव को मोर्चरी भेज दिया गया जबकि घायल बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
हादसा सूरजकुंड चौक पर हुआ। कोतवाली थानाक्षेत्र के इमलियान मोहल्ला निवासी हनीफ मुन्ना (35) पत्नी फिरोजा और पांच बच्चों के साथ आरटीओ के पास किराये के मकान में रहता था। हनीफ दिन में रिक्शा पर सिलेंडर लगाकर शहर और देहात इलाके में गुब्बारे बेचता था। बसंत पंचमी पर अधिक बिक्री होने के लालच से शुक्रवार को हनीफ ने सूरजकुंड चौक पर अपना रिक्शा लगाया। हनीफ के साथ उसके दो बेटे आमिर (8) और दानिश (6) भी गुब्बारे बिकवा रहे थे। दोपहर में अचानक गुब्बारे में गैस भरते समय सिलेंडर फट गया। जिसमें हनीफ की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई और दानिश समेत तीन मासूम बच्चे घायल हो गए।
पुलिस को दी बम धमाके की सूचना
सिलेंडर फटने का धमाका इतना जबरदस्त था कि सूरजकुंड और आसपास का इलाका दहल गया। लोगों ने बम के धमाके की सूचना दी तो पुलिस अफसरों में खलबली मच गई। सीओ सिविल लाइन बीएस वीर कुमार, एडीएम सिटी एसके दूबे, सीएफओ आईएस सोनी समेत कई थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। लोगों की भीड़ लग गई। पुलिस ने आनन-फानन में घायलों को जिला अस्पताल और हनीफ का शव पोस्टमार्टम हाउस भेजा।
परिजनों में कोहराम मचा
हनीफ की कमाई से परिवार का पेट पलता था। मौत की सूचना पर हनीफ की पत्नी फिरोजा, बेटे शाहरुख, दानिश, आमिर, सुहेल, नजीम का रो रोकर बुरा हाल है। परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है। 15 सौ रुपये महीने के किराये के मकान में पूरा परिवार रहता है। सपा नेता नदीम सिद्दीकी ने परिवार को आर्थिक मदद कराने की बात कही।
देर रात सुपुर्द-ए-खाक
पुलिस फोर्स की मौजूदगी में देर शाम हनीफ के शव का पोस्टमार्टम हुआ। देर रात हापुड़ रोड स्थित बालेमियां कब्रिस्तान में हनीफ के शव को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस मामले में पुलिस प्रशासन पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद करने से पीछे हट रहा है।