हादसे के बाद मौके पर पहुंचा राजा का पिता और अन्य परिजन विलाप करते हुए।
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खुशहाल नगर में आग लगने से मारे गए राजा के परिवार में कोहराम मच गया। राजा के पिता सरफराज खेती करते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। नौ भाई-बहनों में राजा चौथे नंबर का था। केवल बड़े भाई शहजाद की शादी हुई है। राजा की मौत की सूचना पर परिजन खुशहालनगर में पहुंचे। परिजनों ने बताया कि राजा डेढ़ महीने पहले ही फैक्ट्री में मजदूरी पर लगा था। हमें क्या पता था कि मजदूरी के बदले उसे यहां मौत मिलेगी। राजा की मां जेबा का भी रो-रोकर बुरा हाल था। वह बार-बार बेहोश हो रही थीं।
दहल उठा खुशहाल नगर
फैक्ट्री में आग लगने से खुशहालनगर में अफरातफरी मच गई। तेज धमाके से लोग दहल गए। आग की 20 फीट ऊंची लपटें देखकर फैक्ट्री से जुड़े मकानों के लोग घर छोड़कर बाहर की ओर भागे। बराबर के मकान के नौशाद ने बताया कि फैक्ट्री से दीवारें चटकने की आवाज आ रही थी। उन्हें लगा कि उनका मकान भी चपेट में न आ जाए। फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले आसपास के लोगों ने सबमर्सिबल चलाकर आग बुझाने की पूरी कोशिश की।
दीवार तोड़कर बुझाई आग
आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड को रास्ता नहीं मिल रहा था। दरारें आने के कारण एक दीवार टूटकर गिर गई। जबकि दूसरी दीवार को फायर ब्रिगेड ने लोगों के सहयोग से गिरा दिया। इसके बाद अंदर पाइप डालकर आग को बुझाया गया।
लग रही आग, सो रहे विभाग
अग्निशमन दिवस के दिन यह हादसा विभागों की पोल खोलने के लिए काफी है। शहर भर में इस तरह की फैक्ट्रियां चल रही हैं। लिसाड़ी गेट, सोतीगंज, बागपत रोड, दिल्ली रोड, हापुड़ रोड के अलावा खरखौदा मार्ग पर भी मकान और दुकानों में घनी आबादी के बीच टायरों पर रबड़ चढ़ाने का काम होता है। पुराने टायरों के घिसे हुए निचले हिस्से को पिघलाकर मशीन से रबड़ की परत चढ़ाई जाती है। आग लगने का खतरा हमेशा रहता है। वहां रखे भारी क्षमता के कंप्रेशर भी फटने का डर होता है। वायु प्रदूषण भी फैलता है। अग्निशमन विभाग जांच तक नहीं करता। न ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कोई कार्रवाई करता है। पुलिस भी इसे अपना काम न बताकर पल्ला झाड़ लेती है।
वर्जन
मैंने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मकान के दो कमरों में रबड़ पर टायर चढ़ाने का काम चल रहा था। आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं है, लेकिन ओवरहीटिंग की आशंका है। इस तरह के काम पर नियंत्रण लगाने का काम जिला उद्योग केंद्र या प्रदूषण बोर्ड का है। - आईएस सोनी, चीफ फायर आफिसर