शहर और आसपास के क्षेत्र में नॉन एसी बस सेवा संचालित कर रहे एमसीटीएसएल ने गर्मियों में यात्रियों का सफर सुगम बनाने की कवायद शुरू कर दी है। कंपनी ने शासन से 10 एसी और 10 नॉन एसी बसों की भी डिमांड की है।
मेरठ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड को जेएनएनयूआरएम योजना के तहत मिली 120 सिटी बसों का संचालन शहर और आसपास के क्षेत्र में हो रहा है। कुछ बसें खराब होने से निर्धारित रूटों पर नहीं जा पा रही हैं। बसों की डिमांड पूरी करने और यात्रियों को गर्मियों में सफर सुगम बनाने के लिए कंपनी के एमडी संदीप लाहा ने नगरीय परिवहन निदेशालय लखनऊ को 20 बसों की डिमांड भेजी है। संदीप लाहा ने बताया कि इनमें से 10 बसे नॉन एसी और 10 बसें एसी मुहैया कराने के लिए कहा गया है। एसी बसों को दो रूटों पर चलाने की योजना है। इसमें पहला रूट मोदीपुरम से मोदीनगर और दूसरा रूट राधा गोविंद इंजीनियरिंग कॉलेज गढ़ रोड से वाया भैसाली होते हुए मोदीनगर है। दोनों रूटों पर 5-5 बसें चलाई जानी हैं। जबकि 5 नॉन एसी बसों को राधागोविंद इंजीनियरिंग कॉलेज से सरधना और 5 बसें बेगमपुल से किठौर तक चलाई जानी हैं।
सिटी बसों की बढ़ रही मांग
शहर और आसपास के चुनिंदा नगरों और गांवों तक चलाई जा रही जेएनएनयूआरएम सिटी बसों की डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है। डग्गामार अवैध वाहनों से परेशान यात्री इन बसों में सफर करना सुरक्षित समझते हैं। कंपनी को मिली 120 बसों में से करीब 20 बसे जर्जर हो चुकी है। शेष बची 100 बसों में से भी 10 से 20 बसें स्टाफ आदि की कमी या मेंटीनेंस के चलते आन रूट नहीं हो पाती है।