- पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा
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संवाद न्यूज एजेंसी
बहसूमा। तजपुरा निवासी अभिषेक की आत्महत्या मामले में बृहस्पतिवार को परिजनों और ग्रामीणों ने बहसूमा थाने का घेराव किया। उन्होंने गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेजने और फरार आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा किया। पुलिस द्वारा संतोषजनक जवाब न मिलने से आहत मृतक के भाई अनिकेत ने थाने के मुख्य गेट पर डीजल उड़ेलकर आत्मदाह की कोशिश की। पुलिस के आश्वासन के बाद ही लोग शांत हुए और अपने घरों को लौटे।
अभिषेक ने 27 अप्रैल को झूठे मामले में फंसाए जाने के डर से आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या की वजह गांव के प्रियांशु द्वारा 10 हजार रुपये उधार नहीं लौटाना था। प्रियांशु ने अभिषेक को झूठे दुष्कर्म के मामले में फंसाने की धमकी दी थी। मृतक अभिषेक के सुसाइड नोट में प्रियांशु और प्रिंस का जिक्र था। मृतक के भाई अनिकेत की तहरीर पर पुलिस ने प्रियांशु, उसकी मां सुमन, पिता सीटू और प्रिंस के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
पुलिस पर आरोप और आत्मदाह का प्रयास
परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस तीन दिन से गिरफ्तार आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही है। तीन दिन बीत जाने के बाद भी प्रिंस, सुमन और सीटू को जेल नहीं भेजा गया था। फरार आरोपी प्रियांशु को भी गिरफ्तार नहीं किया गया था। इस मांग को लेकर बृहस्पतिवार को मृतक के परिजनों और ग्रामीणों की भीड़ ने थाने पहुंचकर हंगामा किया। मृतक के भाई अनिकेत, पिता कुंवरपाल, बहनें निधि, सीधी और मां राजेश ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई। पुलिस के कार्रवाई चल रही है, के आश्वासन से परेशान होकर अनिकेत ने आत्मदाह का प्रयास किया।
पुलिस का आश्वासन और कार्रवाई
पुलिस ने अनिकेत से डीजल की कैन छीन ली और कार्रवाई का आश्वासन दिया। बाद में आरोपियों को जेल भेजने के आश्वासन पर ही भीड़ अपने घरों को वापस लौटी। सीओ मवाना पंकज लवानिया ने बताया कि नामजद आरोपी सीटू, उसकी पत्नी सुमन और प्रिंस को कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया गया है। फरार आरोपी प्रियांशु की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रियांशु को जल्द ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
आत्महत्या का कारण और दर्ज मामला
अभिषेक को झूठे मामले में फंसाने का डर था। मृतक के सुसाइड नोट में प्रियांशु और प्रिंस का नाम था। इसमें उनके बीच हुई फोन पर बातचीत का भी जिक्र था। अनिकेत की तहरीर पर प्रियांशु, सुमन, सीटू और प्रिंस के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया गया था। यह प्राथमिकी आत्महत्या के लिए मजबूर करने की संगीन धाराओं में दर्ज हुई थी।