भावनपुर क्षेत्र के अब्दुल्लापुर में बृहस्पतिवार रात डीजे बंद कराने को लेकर दो समुदायों के बीच टकराव हो गया। विरोध के बाद दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गये। मारपीट, पथराव और फायरिंग में प्रजापति समाज की महिलाओं समेत 11 लोग घायल हो गये।
अब्दुल्लापुर निवासी महेंद्र प्रजापति के बेटे मोनू की पत्नी को बीस दिन पूर्व बेटा हुआ था। बृहस्पतिवार शाम महेंद्र के घर कु आं पूजन का कार्यक्रम चल रहा था। जिसमें गांव के लोगों के अलावा रिश्तेदार भी आए थे। रात में महेंद्र के घर में डीजे बज रहा था। आरोप है कि पड़ोस में रहने वाले परवेज, हारून, फारूक, फरमान, पीरू, फतेहपुर, सईद, रिजवान व इमरान व आधा दर्जन अज्ञात लोगों ने महेंद्र के घर पहुंचकर डीजे बंद करा दिया। प्रजापति पक्ष के लोगों ने इसका विरोध किया तो दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई।
जिसके बाद दूसरे पक्ष के लोगों ने महेंद्र के घर में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ करते हुए हमला बोल दिया। आरोप है कि महिलाओं से अभद्रता करते हुए कुंडल लूट लिए गए। विरोध करने पर लाठी डंडो से पीटा और तोड़फोड़ कर दी। जिससे वहां भगदड़ मच गई। बाद में आरोपी पक्ष के लोगों ने पथराव कर दिया। इस घटना के बाद अन्य लोग भी घरों से निकले तो आरोपी पक्ष के लोगों ने दस से ज्यादा राउंड हवाई फायरिंग कर दी। जिससे गांव में भगदड़ मच गई।
इस घटना में प्रजापति पक्ष के लख्मी, राजेश, गुड्डू, राजवीर, मोनू, बाबूलाल, लक्की, अशोक, जॉनी, रजनी और नीलम घायल हो गईं। सांप्रदायिक बवाल की सूचना पर सीओ सदर और किठौर भावनपुर, मुंडाली और गंगानगर पुलिस के अलावा पीएसी लेकर पहुंचे। सीओ ने सख्ती दिखाते हुए भीड़ को खदेड़ा। पुलिस ने घायलों को अस्पताल भेजा। सीओ किठौर रितेश कुमार का कहना है कि गांव में फोर्स तैनात कर दी गई है।
हालात नहीं भांप सकी पुलिस:
अब्दुल्लापुर संवेदनशील गांव है। पहले भी रमजान माह में कई बार दोनों समुदाय के बीच तनाव हो गया था। बृहस्पतिवार शाम से ही गांव में तनाव की स्थिति बन रही थी। दूसरे समुदाय ने डीजे बंद कराने को लेकर भावनपुर पुलिस से भी शिकायत की थी। रात में दो सिपाहियों की ड्यूटी अब्दुल्लापुर में लगी थी। लेकिन फायरिंग होते ही सिपाही भाग खड़े हुए। यदि पीएसी न पहुंचती तो स्थिति संभालना मुश्किल हो जाता।
एक घंटे रही गांव में अराजकता
सांप्रदायिक टकराव के बाद भी एक घंटे तक अराजकता माहौल रहा। प्रजापति पक्ष के लोगों ने भावनपुर थाने में हंगामा करते हुए कहा कि उनके घरों में घुसकर महिलाओं के साथ अभद्रता की गई है। महिलाओं को घर से खींचकर बेरहमी से पीटा गया। विरोध करने पर महिलाओं से लूटपाट की गई। कुछ लोगों ने तो छत पर चढ़कर आग लगाने की भी धमकी दी।
इन लोगों पर हुआ मुकदमा:
एसओ भावनपुर मोहन सिंह ने बताया कि मोनू पुत्र महेंद्र की तहरीर पर परवेज, पीरू, साजिद, रिजवान, मुस्तकीम, सुहेल, चिरागू, समीर, सारूक, फरमान, सलमान, जावेद, चौकीदार फारूक, सद्दू, उम्मेद, नदीम, इमरान, रिजवान, बब्लू पुत्र जमशेद व तीस अज्ञात के खिलाफ मारपीट, बलवा, पथराव, तोड़फोड़ और कातिलाना हमले की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।