10 साल की उम्र में उसने तैरना सीख लिया था। अब्दुल का कहना है कि उसे दुख है कि वह एजाज को नहीं बचा पाया। एजाज के डूबने पर सभी दुखी थे, लेकिन जिस तरह अब्दुल रहमान ने हौसला दिखाया उसकी हर कोई तारीफ कर रहा था। कार्तिक और अरहम के परिजनों का भी कहना था कि वह इस अहसान को कभी नहीं भूला पाएंगे।
पापा जल्दी आऊंगा, फिर मिली डूबने की खबर
रील बनाने के चक्कर में गंगनहर में डूबा छात्र एजाज जिस समय घर से निकला तब यह कहकर गया था कि जल्दी ही वापस आ जाऊंगा। दोस्तों के साथ गंगनहर में नहाने जा रहा हूं। भूड़बराल निवासी पिता फारूख सैफी का कहना है कि शाम के समय वह अपने मेडिकल स्टाेर पर बैठे थे। तभी एजाज अपने दोस्तों के साथ वहां पहुंचा था।
परिजनों ने उसे रोका था, लेकिन वह दोस्तों के साथ आ गया। पिता का कहना है कि अगर उन्हें पता होता तो कभी भी एजाज को नहर पर नहीं आने देते। परिजन बार-बार पुलिस से मांग करते रहे कि गोताखोरों को बुलाकर उनके बेटे की तलाश करा दो, लेकिन अंधेरा होने के कारण यह संभव नहीं था।