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अब्दुल के जज्बे को सलाम: बचाए दो घरों के चिराग, रील बनाने के चक्कर में नहर में तीन छात्रों के डूबने का मामला

Mon, 21 Aug 2023 12:35 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ के सिवालखास में रील बनाने के चक्कर में जिस समय एजाज, कार्तिक और अरहम डूब रहे थे तो अब्दुल ने अपनी जान की परवाह किए बगैर नहर में छलांग लगा दी। अब्दुल ने दो घरों के चिरागों को तो बचा लिया लेकिन एजाज को न बचा पाने का गम उसे कचोट रहा है।
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अब्दुल व मौके पर जमा भीड़ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ के सिवालखास में रील बनाने के चक्कर में एजाज, कार्तिक और अरहम नहर के तेज बहाव में डूब रहे थे, तब अब्दुल रहमान(15) ने हौसला दिखाते हुए गंगनहर में छलांग लगा दी थी। बारिश के कारण गंगनहर में पानी का बहाव काफी तेज था, लेकिन अब्दुल ने अपनी जान की परवाह नहीं की।

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काफी मशक्कत के बाद वह कार्तिक और अरहम को सकुशल बाहर निकालकर ले आया। यहां तक कि उसने एजाज को भी बचाने की कोशिश की, लेकिन वह तेज बहाव में हाथ से छूट गया। 

सिवालखास निवासी अब्दुल रहमान गांव के ही स्कूल में कक्षा सात में पढ़ता है। रविवार को स्कूल की छुट्टी होने के कारण वह अपनी भैंसों को चराने के लिए गंगनहर की पटरी पर गया था। बचपन से ही वह गंगनहर में नहाते और तैरते हुए बड़ा हुआ है। 

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10 साल की उम्र में उसने तैरना सीख लिया था। अब्दुल का कहना है कि उसे दुख है कि वह एजाज को नहीं बचा पाया। एजाज के डूबने पर सभी दुखी थे, लेकिन जिस तरह अब्दुल रहमान ने हौसला दिखाया उसकी हर कोई तारीफ कर रहा था। कार्तिक और अरहम के परिजनों का भी कहना था कि वह इस अहसान को कभी नहीं भूला पाएंगे। 

पापा जल्दी आऊंगा, फिर मिली डूबने की खबर 
रील बनाने के चक्कर में गंगनहर में डूबा छात्र एजाज जिस समय घर से निकला तब यह कहकर गया था कि जल्दी ही वापस आ जाऊंगा। दोस्तों के साथ गंगनहर में नहाने जा रहा हूं। भूड़बराल निवासी पिता फारूख सैफी का कहना है कि शाम के समय वह अपने मेडिकल स्टाेर पर बैठे थे। तभी एजाज अपने दोस्तों के साथ वहां पहुंचा था।

परिजनों ने उसे रोका था, लेकिन वह दोस्तों के साथ आ गया। पिता का कहना है कि अगर उन्हें पता होता तो कभी भी एजाज को नहर पर नहीं आने देते। परिजन बार-बार पुलिस से मांग करते रहे कि गोताखोरों को बुलाकर उनके बेटे की तलाश करा दो, लेकिन अंधेरा होने के कारण यह संभव नहीं था।
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