चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने पारदर्शिता में एक कदम आगे बढ़ाया है। छात्र अब कॉपी (उत्तर पुस्तिका) न सिर्फ देख सकेंगे, बल्कि फोटोस्टेट घर ले जा सकेंगे। इसके लिए उन्हें दो रुपये प्रति पेज चार्ज देना होगा।
दिल्ली विश्वविद्यालय में यह व्यवस्था पहले से चल रही है। दरअसल डीयू की एक शिकायत केंद्रीय सूचना आयुक्त के पास गई थी। केंद्रीय सूचना आयुक्त ने मामले में दिल्ली विवि के लिए आदेश जारी किया। उत्तर पुस्तिका के मामले में यह ऐतिहासिक फैसला है।
इससे मूल्यांकन और व्यवस्था में बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है। केंद्रीय सूचना आयुक्त के आदेश को आधार बनाकर सीसीएसयू के रजिस्ट्रार दीप चंद्र ने विवि में भी इसे लागू करने की योजना बना ली। जिसे कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने मंजूरी दे दी। रजिस्ट्रार के मुताबिक फोटोकॉपी देने के लिए किसी कंपनी को काम देना होगा। टेंडर होते ही व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।
आरटीआई में देखते हैं कॉपी
वर्तमान में छात्रों को अगर मूल्यांकन में शिकायत होती है तो वे आरटीआई लगाकर अपनी कॉपी देखते हैं। विवि के पास सैकड़ों शिकायत हर साल इस तरह की आती हैं। कुछ मामलों में छात्रों की शिकायत सही निकलती है। पिछले दिनों हुई एक जांच में मूल्यांकन में शिक्षक की गलती पकड़ी गई थी। फोटोकॉपी मिलने पर मूल्यांकन की गुणवत्ता में सुधार होगा। मूल्यांकन और रिजल्ट के लिहाज से यह बड़ा बदलाव है।
जल्द ऑनलाइन होगी कॉपी
सीसीएसयू ने आरटीआई में उत्तर पुस्तिका ऑनलाइन दिखाने का आदेश पिछले दिनों जारी किया था। अब इस पर भी अमल होने जा रहा है। आरटीआई ऑनलाइन ही एप्लाई होगी और ऑनलाइन ही जवाब मिलेगा। स्क्रूटनी का काम भी ऑनलाइन होगा। विवि की वेबसाइट पर इसकी सुविधा दी जाएगी। ई मेल के जरिये छात्रों को सूचना मिलेगी। अभी तक इस काम के लिए विवि आना पड़ता था।