नोटबंदी के बाद बैंकों में पांच सौ व एक हजार के नोट बदलने और जनधन खातों में जमा धन का आयकर विभाग ने ब्योरा तलब किया है। विभाग ने जिला सहकारी बैंकों समेत सभी बैंकाें को इस संबंध में पत्र जारी किया है। साथ ही नोटबंदी के बाद से ऑटोमोबाइल डीलरों के यहां हुई गाड़ियों की खरीद की जानकारी के लिए भी नोटिस जारी किया है।
नोटबंदी के बाद काला धन खपाने को लेकर जो हथकंडे अपनाए गए, उनकी चर्चाओं पर आयकर विभाग ने संज्ञान लिया है। विभागीय सूत्रों की मानें तो केंद्र सरकार से आयकर विभाग को इस संबंध में निर्देश प्राप्त हुए हैं। सरकार का मानना है कि लोगों ने जनधन खातों का इस्तेमाल काला धन खपाने के लिए किया है। साथ ही बैंकों की साठगांठ से नोट बदलने में भी धांधली का अंदेशा है। इस कारण नोट बदलने का ब्योरा तलब किया गया है।
ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी खपा धन
कुछ लोगों ने गाड़ियों की बुकिंग नोटबंदी से पहले करा रखी थी और बाद में डिलीवरी ली। ऐसे लोगों ने पुराने नोट बैंक डेट में जमा कर गाड़ियों का पूरा एडवांस भुगतान कर दिया। ऐसी जानकारी मिलने पर आयकर विभाग ने ऑटोमोबाइल डीलरों को भी नोटिस जारी कर पूरी जानकारी मांगी है।
सराफ के 67 लाख सीज
मेडिकल थाना पुलिस ने नोट बंदी के बाद गुप्त सूचना पर सराफ अनुज जैन की गाड़ी से 67 लाख रुपये की नकदी बरामद की थी। इसके बाद आयकर विभाग ने सराफ को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर इन रुपयों के संबंध में स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए थे। लेकिन, निर्धारित समयसीमा में जवाब न मिलने पर बुधवार को आयकर विभाग ने मेडिकल थाना पहुंचकर यह रकम सीज कर अपने कब्जे में ले ली।