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आयकर विभाग के निशाने पर जिले के नौ धनाढ्य

Tue, 30 Aug 2016 02:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरों
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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आयकर विभाग ने स्वयं संपत्ति की घोषणा के लिए 30 सितंबर तक का समय दिया है। लेकिन इससे पहले अपनी रिपोर्ट भी तैयार करने में लगा है। जिसके आधार पर जिले के नौ धनाढ्य आयकर विभाग की सूची में सबसे ऊपर दर्ज हो चुके हैं। इनके बारे में सभी सरकारी महकमों से जानकारी जुटायी गई है।
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ये है सर्वे का तरीका
आयकर विभाग जहां व्यापारियों और उद्यमियों के साथ गोष्ठी कर रहा है। वहीं, उन्हें अपनी संपत्ति की घोषणा करते हुए टैक्स जमा करने के लिए प्रेरित कर रहा है। इन सबका गोपनीय रूप से डाटा भी तैयार करा रहा है। विभाग ने तमाम सरकारी विभागों से संबंध बनाकर उनसे सूचनाएं एकत्र करनी शुरू कर दी है। इसमें सबसे ज्यादा नजर आरटीओ पर है। इस कार्यालय में रोजाना नई गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन होता है। उसमें महंगी और लग्जरी गाड़ियां जो कि 20 लाख से ऊपर की कीमत की हैं, उनको आयकर विभाग ने निशाने पर लिया है। 20 लाख रुपये या इससे महंगी गाड़ियां खरीदने वालों का पूरा इतिहास खंगाला जा रहा है। इन गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन के माध्यम से चिन्ह्ति इन लोगों की चल-अचल संपत्ति की पूरी गोपनीय जांच हो रही है।

ठेकेदारों पर भी नजर
आयकर विभाग की बड़े ठेकेदारों पर भी नजर है। महंगी गाड़ियों और कोठियाें में रहने वाले इन ठेकेदारों ने जो अपने हैसियत प्रमाण पत्र बनवाए हैं, उससे अलग उनकी संपत्तियों को आयकर विभाग खोज रहा है। इसके साथ ही जिन बड़े ठेकेदारों ने नाम के लिए कुछ सहयोगियों को अपने साथ जोड़ा हुआ है, उन सहयोगियों की संपत्ति को भी देखा जा रहा है।
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नजर से बचना नजर आ रहा मुश्किल
आयकर विभाग इस बार जिस सधे हुए तरीके से खुले और गोपनीय तौर पर अपनी कार्रवाई कर रहा है। उससे साफ है कि इस बार विभाग की नजर से बचना असंभव नहीं तो मुश्किल जरूर है। क्योंकि आयकर विभाग बैंक लेनदेन, संपत्ति, गाड़ी, ज्वैलरी, विदेश यात्रा, स्टेटस सिंबल आदि तमाम चीजों पर नजर रखे है। इसके साथ तमाम सरकारी विभागों जहां से व्यापारिक संबद्धता होती है, उन पर भी आयकर विभाग की नजर है।

दबाव के चलते कुछ ने किया टैक्स जमा
इस दौरान ऐसा नहीं कि आयकर विभाग सिर्फ आंकड़े जुटा रहा है। उसे टैक्स भी प्राप्त हो रहा है। यह बात अलग है कि कुछ लोगों ने जहां आयकर विभाग के तेवर देख अपने आप ही संपत्ति घोषित कर टैक्स जमा करना शुरू कर दिया है, तो कुछ के यहां आयकर विभाग स्वयं उनका ब्यौरा लेकर पहुंच गया। जिसके बाद उन लोगों को टैक्स जमा करना पड़ा।

सर्वे से पड़ा असर
आयकर विभाग हाल ही में चिकित्सकों और कोचिंग संचालकों का सर्वे अभियान चला चुका है। इससे पहले भी गोपनीय रूप से आयकर विभाग शहर के कुछ नामचीन चिकित्सकों और बड़े लोगों पर शिकंजा कसकर उनकी आय और संपत्ति का ब्यौरा प्रस्तुत कर टैक्स का दावा ठोक चुका है। इनमें भी अधिकांश लोग जमा कर चुके हैं।

योजना का लाभ उठाने का है मौका
आयकर विभाग के संयुक्त आयुक्त अर्केंद्र सिंह के अनुसार 30 सितंबर तक अपनी आय की घोषणा व्यक्ति कर सकता है। इसके ऊपर करीब 45 प्रतिशत टैक्स देय होगा। इस योजना का सबसे बड़ा लाभ ये है कि तय होने वाले टैक्स को एक साल के भीतर तीन किश्तों में बगैर ब्याज के जमा किया जा सकता है। निर्धारित किए गए टैक्स 25 प्रतिशत जहां 30 नवंबर 2016 तक जमा करना होगा तो दूसरी किश्त का 25 प्रतिशत 31 मार्च 2017 तक जमा करना होगा। जबकि शेष 50 प्रतिशत को 30 सितंबर 2017 तक जमा किया जा सकता है।
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