यह प्रवचन संत निरंकारी मिशन की सद्गुरु माता सुदीक्षा सविन्दर हरदेव ने रविवार को नेशनल हाईवे स्थित डाबका गांव में आयोजित समागम में भक्तों को दिए। उन्होंने कहा कि संतजनों को केवल यही सत्य प्रिय होता है, इसलिए वह ईश्वर की भक्ति में मग्न रहते हैं। वो उठते बैठते, सोते जागते केवल इसी बात का अनुभव करते हैं कि उनके मन में निर्मलता व पावनता का एहसास है। उन्हें आंतरिक शक्ति प्राप्त होती है, जिसके कारण वह संसार के पापों को ग्रहण नहीं करते।
माता जी ने भक्तों को बताया कि आज मानव सदगुणों की अपेक्षा अवगुण ग्रहण कर रहा है। इसीलिए संसार में इतनी बुराई, लालच, संकुचित सोच, हिंसक प्रवृत्तियां देखने को मिलती हैं। इंसान की मानसिकता ऐसी बन गई है कि वह झूठ और गलत की तरफ ही भागता है। यह सब आध्यात्मिकता व संस्कारों की कमी के कारण है। हम सभी को अपने बच्चों को अच्छे संस्कार देने चाहिए। बच्चों को ध्यान आध्यात्मिकता की तरफ भी लगाना चाहिए। अगर ऐसा करेंगे तो अपने आप ही बच्चे अच्छे मार्ग पर चलेंगे।
माता जी ने कहा कि जो निरंकार को अपना लेता है, उसका जीवन सफल हो जाता है। संचालन ब्रह्म सिंह व मोहित कुमार ने किया। इस दौरान भूपेन्द्र सिंह, मुखी कंवरपाल, संजय कुमार, संदीप चौधरी, भरत उज्जवल सहित सैकड़ों भक्त मौजूद रहे।
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