मेरठ। 12वीं की छात्रा आस्था की हत्या के मामले में पुलिस अभी भी उसका कटा हुआ सिर गंगनहर में तलाश कर रही है। इसके लिए दो टीमें लगाई गई हैं। आरोपी मौसेरे भाई गौरव की गिरफ्तारी के लिए भी दबिश दे रही हैं। पुलिस ने छात्रा के पिता सीआरपीएफ के जवान रमेश को भी हत्याकांड में साजिश रचने का आरोपी बनाया है। केस की मजबूत पैरवी के लिए डीएनए टेस्ट कराने के साथ पुलिस इलेक्ट्रोनिक साक्ष्य भी जुटा रही है। इसके अलावा अदालत में चार्जशीट जल्द दाखिल करने की भी तैयारी है।
दौराला क्षेत्र के दादरी गांव निवासी आस्था की दोस्ती एक किशोर से सोशल मीडिया के माध्यम से हुई थी। दोनों अक्सर बात करते और मिलते थे। पुलिस के मुताबिक इसकी जानकारी होने पर बुधवार को मां राकेश देवी ने आस्था की गला दबाकर हत्या कर दी। बाद में उसने पति और अपने मायके वालों को फोन कर इसकी जानकारी दी। बुधवार रात को आस्था के महरौली निवासी मामा कमल सिंह, समर सिंह, ममेरे भाई मंजीत उर्फ मोनू पुत्र कमल सिंह, मौसेरे भाई गौरव निवासी लडपुरा हापुड़ कार में शव को डालकर ले गए।
महरौली के जंगल में ले जाकर छात्रा की गर्दन दरांती से काटकर धड़ से अलग की। धड़ बहादरपुर रजबहे में और कटे हुए सिर को जानी गंगनहर में फेंक दिया था। बृहस्पतिवार सुबह छात्रा की सिर कटी लाश मिल गई। सलवार की जेब से मिले मोबाइल नंबर के जरिए पुलिस नंगली साहिब निवासी छात्रा के नाबालिग दोस्त तक पहुंची। दोस्त ने ही मौके पर पहुंच कर आस्था की पहचान की। इसके बाद पुलिस ने दादरी गांव पहुंच कर पहले आस्था की मां राकेश देवी को और बाद में मामा कमल सिंह व समर सिंह, ममेरे भाई मंजीत उर्फ मोनू को हिरासत में लिया।
एक नाबालिग को भी पुलिस ने पकड़ा था। परिजनों ने पहले शव की पहचान करने से ही इन्कार कर दिया था। बाद में पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो आरोपियों ने आस्था की हत्या करना स्वीकार कर लिया था। पूछताछ के बाद पुलिस ने पांचों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। जहां से मां समेत चार आरोपियों को जेल भेज दिया गया। नाबालिग को बाल सुधार गृह भेजने के आदेश कोर्ट ने दिए थे।
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि आरोपी गौरव को पुलिस तलाश कर रही है। छत्तीसगढ़ में तैनात आस्था के पिता की गिरफ्तारी के लिए सीआरपीएफ के अधिकारियों को पत्र भेजा जाएगा। डीएनए के लिए सैंपल लिए गए हैं। इसके अलावा आरोपियों की मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल आदि साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।