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UP: दो मुंह वाला सांप, कीमत 15 लाख, ऑडी कार से चलता और मशीन से गिनता नोट; चौंका देगी तस्कर आस मोहम्मद की कहानी

Sun, 07 Jun 2026 11:09 AM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर

सार

सहारनपुर पुलिस ने सांपों की तस्करी करने वाले ठग को गिरफ्तार किया है। आरोपी ऑडी कार से चलता था। नोट गिनने के लिए मशीन साथ रखता था। आरोपी के पास से पुलिस ने 4.94 लाख बरामद किए हैं। इसके अलावा 147 गड्डी मनोरंजन बैंक के नोट, 145 सफेद कागजों की गड्डी और दो कूटरचित आधार कार्ड बरामद हुए हैं।
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Snack Smuggler - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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सहारनपुर की कुतुबशेर पुलिस ने दोमुंहे सांप (रेड सैंड बोआ) के नाम पर लोगों को झांसा देकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी आधार कार्ड के जरिए अपनी पहचान बदलकर लोगों से संपर्क करता था। सांपों को चमत्कारी औषधीय गुणों वाला बताकर ऊंची कीमतों में बेचता था।
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पुलिस लाइन में एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि कुतुबशेर थाना प्रभारी संतोष कुमार त्यागी के नेतृत्व में पुलिस टीम शनिवार को क्षेत्र में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस ने अंबाला रोड पर दबनी कब्रिस्तान वाले खंड़जे पर पूजा एंक्लेव के पास से दोमुंहा सांप दिखाकर औषधि के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले आरोपी आस मोहम्मद निवासी शिवधाम कॉलोनी को गिरफ्तार किया।

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आरोपी के पास से पुलिस ने 4.94 लाख रुपये की नकदी, नोट गिनने की एक मशीन, एक ऑडी कार, दो दोमुंहे सांप, 147 गड्डी मनोरंजन बैंक के नोट, 145 सफेद कागजों की गड्डी और दो कूटरचित आधार कार्ड बरामद हुए हैं।

 

15 लाख में सांप बेचने की कबूली बात
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि अपने साथियों के साथ मिलकर दोमुंहे सांप बेचने का धंधा करता है। उसने खुलासा किया कि वह और उसके साथी एक दोमुंहा सांप 15 लाख रुपये में बेचकर लौटे थे। सौदे की रकम में से उसके दोनों साथी पांच-पांच लाख रुपये लेकर चले गए, जबकि खर्च काटने के बाद उसके हिस्से के 4.94 लाख रुपये बरामद हुए।

फर्जी पहचान बनाकर करता था सौदे
आरोपी ने बताया कि अपनी वास्तविक पहचान छिपाने के लिए आशु गोयल के नाम से फर्जी आधार कार्ड बनवा रखा था। अलग-अलग नाम और पहचान पत्रों का इस्तेमाल कर वह लोगों से संपर्क करता था। आरोपी ने स्वीकार किया कि बैग में रखी मनोरंजन नोटों और सफेद कागज की गड्डियों का इस्तेमाल लोगों को प्रभावित करने के लिए किया जाता था। खुद को करोड़ों के कारोबार से जुड़ा बताता था और फिर उन्हें दोमुंहे सांप की कीमत, औषधीय गुणों और भारी मुनाफे के बारे में बताकर लोगों को ठगी का शिकार बनाता था।
 
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वन्यजीव तस्करी और धोखाधड़ी दोनों की जांच
पुलिस अब आरोपी के भागे साथियों की तलाश कर रही है। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि दोमुंहे सांपों की खरीद-फरोख्त का नेटवर्क किन राज्यों तक फैला हुआ है। बरामद रेड सैंड बोआ वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत संरक्षित प्रजाति मानी जाती है। आरोपी के भागे साथी सरसावा थाना क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं। इसके अलावा जिस आधार सेंटर से फर्जी आधार कार्ड बनवाया गया है। पुलिस ने उसकी भी जांच शुरू कर दी है।
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