केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान (सीपीआरआई) मोदीपुरम, मेरठ के वैज्ञानिकों ने आलू की एक नई प्रजाति विकसित की है। यह प्रजाति आलू पैदा करने वाले किसानों को मालामाल कर देगा। ‘कुफरी गंगा’ प्रजाति के इस आलू की फसल 90 दिन में तैयार हो जाएगी। साथ ही सामान्य प्रजाति की तुलना में इसकी पैदावार दोगुनी होगी। यह आलू खाने में भी स्वादिष्ट होगा।
वैज्ञानिकों द्वारा कई साल तक किए गए शोध के बाद आलू की कुफरी गंगा प्रजाति तैयार की गई है। इस प्रजाति को भारत सरकार ने भी किसानों के लिए हरी झंडी दे दी है। यह प्रजाति भी अगेती बुवाई की श्रेणी में आती है। यूपी के किसान भी आलू की अगेती प्रजाति की बुवाई करते है। जल्दी तैयार होने वाली इस प्रजाति में रोग प्रतिरोधी क्षमता भी अच्छी होगी। यह प्रजाति 350-400 क्विंटल प्रति हेक्टयर का उत्पादन देगी, जबकि सामान्य प्रजाति 200 क्विंटल प्रति हेक्टयर तक उत्पादन देती है।
ये है प्रजाति की खासियत
पैदावार - 350-400 क्विंटल प्रति हेक्टयर
अवधि - 90 दिन में तैयार
अनुकूलनशीलता - उत्तरी मैदानी क्षेत्र
भंडारण गुणवत्ता - अच्छी
रोग प्रतिरोधी क्षमता - पिछेता झुलसा रोग के प्रति सामान्य प्रतिरोधी
आलू कंद - सफेद क्रीम, अंडाकरण, उथली आंखें, गूदा सफेद क्रीमी
शुष्क पदार्थ - 16 से 18 प्रतिशत
विशेष गुण - सब्जी के लिए उपयुक्त
खाने के लिए स्वादिष्ट प्रजाति
केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान द्वारा तैयार कुफरी गंगा प्रजाति मैदानी क्षेत्र में किसानों के लिए अच्छी रहेगी। सफेद क्रीम अंडाकार वाली यह प्रजाति खाने में लोगों को स्वादिष्ट लगेगी। किसानों को इसके उत्पादन से आर्थिक लाभ होगा।
कम समय में तैयार फसल से ज्यादा लाभ
केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान के सहायक मुख्य तकनीकी अधिकारी अशोक चौहान का कहना है कि कुफरी लीमा के बाद कुफरी गंगा प्रजाति भी किसानों के लिए तैयार की गई है। इसके बारे में किसानों को जानकारी दी जा रही है। कृषि विवि के स्टाल पर भी इसका प्रदर्शन किया गया था। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
यूपी के किसानों के लिए खास
वैज्ञानिकों की मदद से यूपी के किसानों के लिए कुफरी गंगा प्रजाति तैयार की गई है। यह प्रजाति सामान्य प्रजाति से अधिक उत्पादन देगी। किसानों के लिए लाभकारी रहेगी। यहां के मौसम के लिहाज से अनुकूल है। आने वाले समय में किसानों के लिए इसका बीज उपलब्ध कराया जाएगा।
मनोज कुमार, संयुक्त निदेशक, केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान