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आज से खुलेंगे स्कूल, रात तक चली तैयारी  

Mon, 02 Jul 2018 02:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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मेरठ - फोटो : meerut
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गर्मी की छुट्टियों के बाद आज से स्कूल खुल रहे हैं। रविवार को घरों में बेहद उठापटक का माहौल रहा। मम्मी बच्चों के स्कूल बैग, यूनिफार्म और किताबें जुटाने में लगी रहीं। बच्चों ने अधूरा होमवर्क पूरा किया। बच्चे कोचिंग और ट्यूशन भी गए। मम्मियों ने देर रात तक बच्चों के प्रोजेक्ट वर्क को पूरा किया। पापा ने बच्चों के लिए बाजार से लंच बॉक्स, जरूरी स्टेशनरी आयटम और यूनिफार्म भी खरीदी। अमूमन छुटट्ी और मजे में बीतने वाला रविवार बेहद व्यस्त और कामकाज में बीता। जो मम्मियां स्वयं स्कूल में शिक्षिका हैं, उनके लिए यह चुनौती दोगुनी थी। उन्हें अपने साथ बच्चों की तैयारी करनी थी। नौकरी पेशा मम्मियों का आज से नया रुटीन शुरू होगा। 
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हमारी तो डबल भागदौड़
केएल इंटरनेशनल स्कूल में शिक्षिका राशि चावला ने बताया कि हमारे लिए तो आज से डबल भागदौड़ शुरू है। दो बच्चे हैं दोनों केएल स्कूल में ही पढ़ते हैं। बेटी स्नेह चावला, बेटा नीलाक्ष चावला हैं। घर का दिनभर काम और तैयारी करनी होती है। राशि का परिवार सी ब्लॉक में रहता है। 
 
बच्चों का स्कूल, टेंशन हमारी
शास्त्रीनगर निवासी शीतल यादव की बेटी चिया और बेटा रुद्राक्ष दोनों केएल इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ते हैं। शीतल कहती हैं बच्चों को सुबह स्कूल के लिए तैयार करना। नाश्ता कराना, लंच देना अपने आप में बहुत चुनौती भरा काम है। इसलिए एक दिन पहले सारी तैयारी लगाकर रखती हूं। बच्चे स्कूल जाते हैं और तनाव हमें होता है।
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होमवर्क से लेकर कराया प्रोजेक्ट वर्क
पल्लवपुरम फेज 2 निवासी स्वाति सिंह की बेटी सानवी सिंह यूकेजी में पढ़ती है। सानवी अमेरिकन किड्ज स्कूल में पढ़ती है। मम्मी स्वाति कहती हैं स्कूल बेटी जाती है, लेकिन ऐसा लगता है जैसे हमारे स्कूल के दिन लौट आए हैं। टाइम पर स्कूल से लाना, ले जाना। नाश्ता देना। रोजाना फरमाइश पर टिफिन बनाना आसान नहीं हैं। बेटी के होमवर्क से प्रोजेक्ट वर्क का काम कराना सबसे पहली जिम्मेदारी है।  

जिम्मेदारी है तो निभाना भी है
सी ब्लॉक शास्त्रीनगर निवासी रेखा चावला की बेटी गीत व आम्या केएल इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ती हैं। रेखा कहती हैं सुबह-सुबह जल्दी उठकर बच्चों का नाश्ता बनाना, तैयार करके स्कूल भेजना सभी जिम्मेदारी है, लेकिन इसे निभाना भी हमें है। पूरे घर का काम एक तरफ, बच्चों को स्कूल भेजना, होमवर्क कराना एक तरफ होता है। वो हो जाए तो लगता है बड़ा काम हो गया। 

अपने आराम से पहले बेटी का स्कूल
मयूर विहार निवासी गरिमा की बेटी पावनी भारद्वाज दीवान पब्लिक स्कूल में पढ़ती है। गरिमा कहती हैं कि अपने आराम से पहले बेटी को स्कूल भेजना लगता है। पहले खुद उठती हूं, फिर बेटी को उठाकर स्कूल के लिए तैयार करती हूं। बेटी सुबह जल्दी उठे इसलिए रात को जल्दी सुलाना भी पड़ता है। वो लंच कर ले इसलिए उसके मनपसंद का लंच बनाना पड़ता है।
 
यूपी बोर्ड के भी आज से खुलेंगे स्कूल
आज से यूपी बोर्ड के सभी स्कूल खुल रहे हैं। पहली बार यूपी बोर्ड के स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाई होगी। बच्चे नई किताबों व नए कोर्स को लेकर काफी उत्साहित हैं। 
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