राष्ट्रीय और राज्य राजमार्ग के किनारे आधा किमी की दूरी में शराब ठेके हटने पर मेरठ जनपद में आबकारी विभाग को 175 करोड़ का फटका लगने जा रहा है। शनिवार से आदेश का पालन कराते हुए सभी दुकानें बंद करा दी गई। वहीं 99 दुकानों को शिफ्ट करने के आवेदन को शासन से स्वीकृति मिल गई है। इसके बाद भी काफी दुकानें ऐसी हैं जिनके बंद होने से बड़ा राजस्व प्रभावित होगा।
ये है सुप्रीम कोर्ट का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने हाईवे पर होने वाली दुघर्टनाओं के लिए बड़ा कारण शराब पीकर गाड़ी चलाने को माना है। जिस पर आदेश दिया गया कि देश के किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग या राज्य राजमार्ग के किनारे या आधा किमी की परिधि में कोई शराब की दुकान नहीं होगी। 1 अप्रैल से लागू आदेश पर आबकारी विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
ये हुआ आदेश का असर
मेरठ जनपद में अंग्रेजी शराब की 105, देशी शराब की 180, बीयर की 98 दुकानें है। जबकि 14 मॉडल शॉप और 15 बार हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का जब विभाग ने परीक्षण किया तो पाया कि अंग्रेजी शराब की 58, देशी शराब की 66, बीयर की 59 और 10 मॉडल शॉप आदेश के बाद प्रभावित हो रही है। इन सभी को विभाग ने नोटिस जारी कर दिया है।
ये है हाईवे की भौगोलिक स्थिति
मेरठ जनपद में तीन नेशनल और चार स्टेट हाईवे आते हैं। नेशनल हाईवे में एनएच-58 जो कि दिल्ली से आकर मेरठ होते हुए हरिद्वार तक जाता है। दूसरा एनएच-235 है जो बेगमपुल से हापुड़ होते हुए बांदा तक जाता है, जबकि तीसरा नेशनल हाईवे 119 है यह मेरठ से मवाना होते हुए पौड़ी तक जाता है। इसके अलावा चार स्टेट हाईवे हैं। इनमें मुख्य रूप से स्टेट हाईवे 14 है जो बागपत से मेरठ होते हुए गढ़मुक्तेश्वर जाता है। दूसरा स्टेट हाईवे 82 है। यह मेरठ-करनाल मार्ग है। इसके अलावा दो स्टेट हाईवे नेशनल हाईवे की अधिसूचना बदलने के बाद बने हैं। इनमें एक स्टेट हाईवे 45 है। यह परतापुर फ्लाईओवर से एचआरएस चौक तक है। चौथा स्टेट हाईवे 47 है जो मवाना रोड पर छोटा मवाना से बहसूमा तक जाने वाला बाईपास है।
दो मार्ग की दुकानें नहीं आएंगी जद में
यदि मेरठ के तमाम रास्तों पर गौर करें तो सिर्फ मेरठ-परीक्षितगढ़, किठौर-परीक्षितगढ़-मवाना, मेरठ-रोहटा मार्ग और सरधना कस्बे में ही शराब की दुकानें बचती है। शहर के भीतर भी तमाम दुकानें इस हाईवे की जद में आने से बाहर हो रही हैं।
बार को लेकर स्थिति अस्पष्ट पर बंद करने के आदेश
सुप्रीम कोर्ट के आदेश में होटलों में संचालित बार को लेकर स्पष्ट आदेश नहीं है। फिर भी आबकारी विभाग ने बार मालिकों को भी नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कराने में शहर के 15 से 12 बार आ रहे हैं। आश्चर्यजनक बात ये है कि शासन के एक आदेश से दिल्ली रोड के तीन बार पर ताला लटकने से बच गया था। ये बार होटल क्रोम, होटल मुकुट महल और होटल सारा हैं। कुछ दिन पहले शासन ने स्टेट हाईवे 45 जो कि परतापुर से एचआरएस चौक था है, उसे स्टेट हाईवे से बाहर करते हुए अन्य जिला मार्ग घोषित कर दिया। जिसके चलते परतापुर से एचआरएस चौक तक आने वाले तमाम होटल जिनमें बार संचालित हैं, वह चल रहे हैं। जबकि बाईपास, गढ़ रोड़, आबूलेन, बेगमपुल, लालकुर्ती आदि जगह पर मौजूद तमाम नामचीन होटलों में संचालित बार में ताला लटका दिया।
99 को ट्रांसफर की मिली स्वीकृति
जिला आबकारी अधिकारी प्रदीप कुमार दूबे ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद 99 दुकानों के स्थानांतरण के लिए आवेदन मिला था। जिन्हें शासन से स्वीकृति मिल गई है। इनमें देशी 25, विदेशी 37, बीयर 36 और एक मॉडल शाप शामिल है। जबकि 94 दुकानें और मॉडल शॉप बंद हो रही हैं। यदि इन्होंने स्थानांतरण नहीं कराया तो आबकारी विभाग को करीब 175 करोड़ रुपये सालाना का नुकसान होगा।