अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ कौशलेंद्र सिंह ने बताया कि आभा एप के माध्यम से प्रतिदिन ओपीडी के 90 से 100 पर्चे बन रहे हैं। अभी समस्या यह आ रही है कि अधिकांश मरीजों के नंबर आधार कार्ड से अपडेट नहीं हैं।
इस तरह बन रही आभा आईडी
इसके लिए सबसे पहले अपने एंड्रॉयड मोबाइल फोन के गूगल प्ले स्टोर में जाकर ड्रीफकेस एप डाउनलोड करना होगा। इस एप से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। इसे दर्ज करने के बाद मरीज को आधार में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद आधार कार्ड में दर्ज मरीज का नाम, उम्र, लिंग, पिता का नाम, पता खुद दर्ज हो जाएगा। इसके बाद आपको आभा एड्रेस चुनना होगा। इसको चुनते ही आभा खाता एक्टिव हो जाएगा।
ओपीडी की पर्ची प्राप्त करने के लिए आप को आभा काउंटर पर लगाए गए क्यूआर कोड को अपने फोन के एप के माध्यम से स्कैन करना होगा। इससे मरीज का विवरण अपने आप आभा काउंटर के कम्प्यूटर में आ जाएगा। इसके बाद एक टोकन नंबर मिलेगा। मरीज को काउंटर पर टोकन नंबर बताकर एक रुपये देकर पर्ची लेनी होगी, जिसके जरिए आप आसानी से अपना उपचार करा सकेंगे।