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फेसबुक पर पहले दोस्ती फिर अंतरंग बातें... वर्दी वाली डीपी लगाकर ब्लैकमेलिंग का 'खेल'

Sat, 27 Jul 2019 06:28 PM IST
कपिल kapil गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : डेमो
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मेरठ में फेसबुक के जरिये पहले युवती से दोस्ती... मैसेंजर पर चैटिंग में अंतरंग बातें करना युवक के लिए मुसीबत बन गया। इसके बाद खुद को दरोगा बताकर एक युवक की कॉल आई और युवती को अश्लील मैसेज भेजने की बात कहकर मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी गई। मुकदमा दर्ज न करने के एवज में रुपयों की डिमांड की गई। मामला साइबर सेल के संज्ञान में आ गया है, लेकिन पीड़ित की ओर से अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है। 

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इस तरह फंसा युवक
नोएडा में एक प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले युवक के पास फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। डीपी पर एक सुंदर लड़की का फोटो लगा था। लड़की ने खुद को मेरठ निवासी बताया। दोनों के बीच मैसेंजर पर बातचीत शुरू हो गई। दोनों की बातें मर्यादा को लांघ गईं, तो युवती ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया।
 
अमित शुक्ला नाम का कोई दरोगा नहीं
इस मामले में इंस्पेक्टर परतापुर सुभाष अत्री से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि थाने में इस नाम का कोई दरोगा नहीं है। इंस्पेक्टर ने उक्त नंबर पर कॉल भी की, जो कि रिसीव नहीं की गई। उक्त नंबर को व्हॉट्सएप पर लिया गया, तो डीपी पर आईपीएस की वर्दी में एक युवक का फोटो लगा था। कंधे पर अशोक चिह्न भी बना था। इंस्पेक्टर का भी कहना था कि नोएडा के युवक को फंसाया गया है।

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आया धमकी भरा फोन
इसके बाद युवक के पास किसी का फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को परतापुर थाने में तैनात दरोगा अमित शुक्ला बताया। उसने युवती को अश्लील मैसेज भेजने पर धमकाया और मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी। युवक घबरा गया। तथाकथित दरोगा ने युवक से रुपयों की डिमांड की, तो युवक रुपये देने के लिए राजी हो गया। युवक के व्हॉट्सएप पर एक बैंक का खाता नंबर भी भेज दिया जाता है। दरोगा के फर्जी होने की पोल यहीं खुल जाती है कि यह खाता हरिद्वार स्थित बैंक का है। खाते की डिटेल में अमित शुक्ला का नाम नहीं है। हां इस प्रकरण में एक समानता यह है कि युवती और फर्जी दरोगा द्वारा दिए गए खाता नंबर का धारक एक ही बिरादरी के हैं। हालांकि अभी युवक ने रुपये नहीं दिए हैं।

करनी चाहिए शिकायत
यदि इस तरह का कोई मामला है, तो युवक को साइबर सेल में शिकायत करनी चाहिए। जांच कर कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित युवक की पहचान भी गोपनीय रखी जाएगी। इस तरह के गैंग का पकड़ा जाना बहुत जरूरी है। - रामअर्ज, एसपी क्राइम

गोपनीय जांच की जाएगी
इस तरह के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। सेना के जवानों को भी इसी तरह फंसाया जा चुका है। युवक शिकायत करे, गोपनीय जांच की जाएगी - अजय साहनी, एसएसपी

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