नंगला कबूलपुर में गंगा एक्सप्रेस वे के एलाइनमेंट को लेकर बेठक करते बहारा के ग्रामीण।
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मेरठ। गंगा एक्सप्रेस-वे के पहले चरण का एलाइनमेंट सरकार के लिए सिरदर्द साबित होता जा रहा है। हाजीपुर से प्रस्तावित पहले चरण पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लेकिन हाजीपुर इलाके से जुड़े लोगों ने भी मोर्चा खोल दिया है। जिसमे भाजपा भी अब चौतरफा घिरती नजर आ रही है। इस सप्ताह पहले चरण की डीपीआर अपलोड होने की संभावना थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अभी तक सिर्फ नौ चरणों की डीपीआर ही वेबसाइट पर अपलोड है।
पिछले दिनों काशी से खरखौदा इलाके के किसानों ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। जिसके बाद किठौर विधायक सत्यवीर त्यागी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शुक्रवार को उनकी मुलाकात कराई थी। इसके बाद से ही राजनीति तेज हो गई। किठौर विधानसभा से जुड़े ठाकुर बाहुल्य गांवो में भी पंचायतों का दौर शुरू हो गया है। ये लोग हाजीपुर से निकलने वाले रूट का समर्थन कर रहे हैं।
कंपनी ने हाजीपुर रुट पर भी लगाए निशान
कंसलटेंट कंपनी ने हाजीपुर से निकलने वाले रूट पर भी निशान लगाए हैं। जिसे देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकार उस रूट को फाइनल करेगी जो रूट छोटा होगा। इस बात का अंदेशा हाजीपुर इलाके के गांववासी लगा रहे हैं। अब इस एलाइनमेंट को लेकर गांवों में पंचायत का दौर चल पड़ा है। इस गंगा एक्सप्रेस-वे में मेरठ से जाने वाले रूट के लिए तीन गुट तैयार हो गए हैं। जिसमें गंगा एक्शन कमेटी, हाजीपुर इलाके के ग्राम प्रधान और ठाकुर समुदाय भी पंचायत कर रहा है।