नगर निगम ने गृहकर के बड़े बकायेदारों के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है। बृहस्पतिवार को शहर के विभिन्न इलाकों में निगम की टीम ने कार्रवाई करते हुए 50 हजार रुपये से अधिक के बकायेदारों के भवनों को सील कर दिया। शास्त्रीनगर और कंकरखेड़ा जोन में हुई इस बड़ी कार्रवाई के दौरान एक गोदाम, 12 दुकानें और चार भवनों पर ताले लटकाए गए। हालांकि इस दौरान टीम को भारी विरोध का भी सामना करना पड़ा लेकिन निगम ने सख्त रुख अपनाते हुए दिन भर में करीब 60 लाख रुपये की वसूली सुनिश्चित की।
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी एसके गौतम और कर अधीक्षक अतुल कुमार के नेतृत्व में प्रवर्तन दल ने वार्ड-28 दिल्ली रोड स्थित रिठानी में बड़ी कार्रवाई की। यहां राहुल चौधरी की 6 दुकानें, विद्या सागर का एक गोदाम और दो अन्य भवनों को सील किया गया। दुकानों को सील करने के दौरान दुकान मालिक के परिजनों और प्रवर्तन दल के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई। अधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि टैक्स जमा न करने वालों के खिलाफ रियायत नहीं दी जाएगी। निगम की इस सख्ती को देखकर क्षेत्र के कई अन्य बकायेदारों ने मौके पर ही अपना टैक्स जमा करा दिया।
31 मार्च तक 20 प्रतिशत की छूट का अंतिम मौका
नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने बताया कि महानगर में करीब एक लाख भवन स्वामियों पर गृहकर का बकाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि निगम द्वारा शहर भर में मुनादी कराकर लोगों को सूचित किया जा रहा है। वर्तमान में 31 मार्च 2026 तक गृहकर जमा करने पर 20 प्रतिशत की छूट का लाभ दिया जा रहा है। इस समय सीमा के बीतने के बाद बकायेदारों के खिलाफ बड़े स्तर पर सीलिंग और कुर्की का अभियान चलाया जाएगा।
बृहस्पतिवार को ये हुई कार्रवाई
कंकरखेड़ा जोन: रिठानी इलाके में 6 दुकानें, 1 गोदाम और 2 भवन सील।
शास्त्रीनगर जोन: यहां भी निगम ने कार्रवाई करते हुए 6 दुकानें और 3 भवनों पर सील लगाई।
कुल वसूली: बकायेदारों द्वारा कार्रवाई के डर से लगभग 60 लाख रुपये का टैक्स जमा किया गया।