राजकुमार सैनी
मेरठ। बेगमपुल से गांधीबाग तक लगातार बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए टैंक चौराहा पर दो लेन के फ्लाईओवर का रास्ता साफ होता दिख रहा है। सेतु निगम ने लगभग 700 मीटर लंबे इस फ्लाईओवर का ले-आउट तैयार कर शासन को भेज दिया है। परियोजना का 59 करोड़ 26 लाख रुपये का बजट प्रस्ताव भी तैयार किया जा चुका है। शासन से मंजूरी मिलते ही सेना और आरआरटीएस से एनओसी लेने की प्रक्रिया शुरू होगी।
टैंक चौराहा शहर के सबसे व्यस्त जंक्शनों में से एक है। बेगमपुल, माल रोड और रुड़की रोड से आने-जाने वाले भारी और हल्के वाहनों का दबाव यहां हर समय बना रहता है। मेट्रो संचालन शुरू होने के बाद जाम की स्थिति और बिगड़ने की आशंका है। ट्रैफिक पुलिस की तैनाती, बैरिकेडिंग और रास्तों के विभाजन जैसी व्यवस्थाओं के बावजूद चौराहा दिन-रात जाम से जूझ रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि फ्लाईओवर बनने से न केवल टैंक चौराहा, बल्कि पूरी रुड़की रोड जाम से मुक्त हो जाएगी। कुछ समय पहले कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने इस समस्या को गंभीरता से उठाते हुए फ्लाईओवर निर्माण का प्रस्ताव दिया था। उनके प्रस्ताव पर सेतु निगम की टीम ने क्षेत्र का सर्वे कर भूमि की पैमाइश की और चिराग स्कूल चौराहा से गांधीबाग कंकरखेड़ा रोड तक फ्लाईओवर का विस्तृत ले-आउट तैयार किया। सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक रित्विक श्रीवास्तव ने बताया कि प्रस्ताव शासन के पास विचाराधीन है और जल्द ही आगे की कार्रवाई शुरू हो सकती है।
“हमने जनता हित में कई प्रस्ताव दिए हैं। टैंक चौराहा फ्लाईओवर उनमें से एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव है। उम्मीद है कि सरकार जल्द इसे मंजूरी देगी। यह फ्लाईओवर शहर के लिए वरदान साबित होगा।”
- अमित अग्रवाल, विधायक।