मेरठ। ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के गणेशपुरी में छठी कक्षा की छात्रा ने फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने लगी तो लोगों ने हंगामा कर दिया। परिजनों ने पोस्टमार्टम नहीं कराया।
गणेशपुरी निवासी दीपक कुमार बृहस्पतिवार शाम पत्नी गुड्डी के साथ डाॅक्टर के यहां गए थे। उनका बेटा विकास ट्यूशन पढ़ने के लिए गया था। घर पर 12 वर्षीय छात्रा खुशी थी। विकास तीन बजे ट्यूशन पढ़कर घर लौटा। घर के प्रथम तल पर खुशी फंदे पर लटकी मिली। विकास के शोर मचाया तो आसपास के लोग घर में आ गए। इसी दौरान दीपक कुमार और गुड्डी भी घर लौट गए। उसके बाद तत्काल ही शव को अंतिम संस्कार के लिए लेकर चल दिए। इसी बीच काॅलोनी के लोगों ने पुलिस को सूचना दी।
तत्काल गणेशपुरी चौकी प्रभारी पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और श पोस्टमार्टम के लिए ले जाने लगे। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया। इसके बाद परिजन शव को लेकर जैसे ही ले जाने लगे तो भूमिया पुल पर शव को पुलिस ने रोक दिया। शव को सड़क पर रखकर लोगों ने जाम लगा दिया। इसी बीच किशोरी की मां ने नाले में कूद कर जान देने की धमकी दी। साथ ही भीड़ ने भूमिया पुल जाम लगाकर हंगामा कर दिया। सीओ कोतवाली आशुतोष कुमार और एएसपी अंतरिक्ष जैन भी मौके पर पहुंच गए। दो घंटे तक हंगामा चलता रहा। पुलिस ने शर्त रखी कि वह लिखकर देंगे कि बीमारी से किशोरी की मौत हुई है। वह कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं। इसके बाद ही शव को अंतिम संस्कार के लिए शव को जाने दिया गया। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया।