मूर्ति विसर्जन करने पर हंगामा, अधिकारियों से हुई नोकझोंक

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अमर उजाला ब्यूरो/ बिजनौर

A ruckus on immersion, nokjhonk with officials

बिजनौर के कालागढ़ में दुर्गा पूजा के बाद मूर्ति विसर्जन के लिए रामगंगा जा रहे श्रद्धालुओं को बांध प्रशासन ने रोक दिया। इससे श्रद्धालुओं में असंतोष पैदा हो गया। उनकी बांध प्रशासन के अधिकारियों और पुलिस से नोकझोंक भी हुई। मामला सिंचाई मंत्री तक पहुंचा तो उच्च अधिकारियों के आदेश पर श्रद्धालुओं को बैरियर से आगे जाने दिया गया। इसके बाद ही मूर्तियों का विसर्जन हुआ।  दो अक्तूबर को हाइडिल कॉलोनी और केंद्रीय कालोनी में दुर्गा पूजा के बाद मूर्तियों का विसर्जन कार्यक्रम था। शाम को दोनों जगह के श्रद्धालु मूर्तियां लेकर स्टील ब्रिज पर पहुंचे तो वहां रामगंगा में पानी नहीं था। इस पर श्रद्धालु मूर्तियों को रामगंगा बांध पर ले जाने लगे। इस पर बांध प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए रामगंगा पर लगे बैरियर से आगे मूर्तियों को ले जाने देने से मना कर दिया। इसे लेकर श्रद्धालु नाराज हो गए और उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस से भी श्रद्धालुओं की तीखी नोकझोंक हुई। इसी दौरान बैरियर से वन विभाग, टाइगर रिजर्व के अधिकारी, हाइडिल एवं बांध आदि के कर्मचारी आने जाने लगे तो श्रद्धालुओं ने उन्हें रोक दिया। काफी देर तक हंगामा होता रहा तो श्रद्धालु शिव मंदिर के सामने धरने पर बैठ गए। जेई अनिल कुमार, गगनदीप सिंह भी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से बातचीत की। इसके बाद बैरियर खोल दिया गया और मूर्तियों का बांध पर जाने दिया गया। श्रद्धालु शंकर सिंघल, राजेश्वर अग्रवाल, प्रदीप कुमार गुप्ता, प्रदीप कुमार कांबोज आदि ने बताया कि नदी में पानी की मांग की गई। न मिलने पर विसर्जन बांध पर करना पड़ा।  मोहन  ने सूबे के सिंचाई मंत्री तक मामले को  पहुंचाया तब जाकर समस्या का समाधान हो सका। उधर, जेई अनिल कुमार कहना है कि उच्च अधिकारियों के निर्देश मिलने पर ही विसर्जन के लिए आगे जाने दिया गया। अशोक कुमार राणा, अधीक्षण अभियंता  ने कहा कि रामगंगा बांधबांध क्षेत्र में सुरक्षा कारणों से किसी भी प्रकार से कार्यक्रम एवं प्रवेश पर रोक है। बांध पर मूर्ति विसर्जन के लिए लोगों को बैरियर से आगे जाने से रोका गया था। पढ़ें : सहारनपुर : तीन गांवों के दलितों ने अपनाया बौद्ध धर्म, नहर में विसर्जित की देवताओं की मूर्तियां
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धर्मांतरण के विरोध में प्रदर्शन

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