- विद्युत उपखंड केंद्र पर ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर पहुंचे किसान, फीडर बंद करने की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। बहसूमा थाना क्षेत्र के समसपुर और तजपुरा गांव में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से करीब 70 बीघा गन्ने की फसल जलने के मामले में मंगलवार को किसानों का आक्रोश फूट पड़ा। मुआवजे की मांग के लिए करीब किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर हस्तिनापुर विद्युत उपखंड केंद्र पहुंचे और धरना शुरू कर दिया। किसानों ने चेतावनी दी कि जल्द मुआवजा नहीं मिला तो उपखंड केंद्र से जुड़े सभी फीडर बंद कर देंगे।
किसानों का आरोप है कि खेतों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन के तार काफी नीचे थे और गन्ने की फसल से छू रहे थे। कई बार विद्युत निगम से शिकायत करने के बावजूद तारों को ऊंचा नहीं किया गया। करीब एक सप्ताह पूर्व तारों से निकली चिंगारी से खेतों में खड़ी तैयार गन्ने की फसल में आग लग गई। जिसमें आजाद नागर, दिपिन राणा, अनुज राणा, छतर सिंह, कालूराम, ओमपाल, करणवीर, राजेंद्र, हरिओम, मुकेश, श्यौराज, सेधिन, दीपा, नीतू, सुदेश और राजेश समेत करीब 24 किसानों की फसल जलकर नष्ट हो गई।
किसानों आजाद ने बताया कि उन्होंने मामले की शिकायत एसडीएम संतोष कुमार से की थी। बहसूमा थाने में विद्युत विभाग के खिलाफ तहरीर भी दी गई, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से उनका आक्रोश बढ़ गया। मंगलवार को किसान विद्युत उपखंड केंद्र पर धरने पर बैठ गए।
धरने की सूचना पर जेई सतवीर सिंह मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत की। उन्होंने मामले की जानकारी विद्युत निगम के उच्चाधिकारियों को दी। अधिकारियों की ओर से फसल के नुकसान की जांच कराने की बात कही गई, लेकिन किसान तत्काल मुआवजे की मांग पर अड़े रहे।
किसानों ने कहा कि मुआवजा मिलने तक वह दिन-रात धरना जारी रखेंगे। साथ ही मांग पूरी नहीं होने पर सभी संबंधित फीडर बंद करने की चेतावनी दी। देर शाम तक विद्युत उपखंड केंद्र पर किसानों का धरना जारी था। वह लगातार विद्युत निगम के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग करते रहे।
विद्युत उपखंड केंद्र पर धरना देने पहुंचे किसान स्रोत संवाद