रोहटा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सेवा यात्रा के शताब्दी वर्ष और विजयदशमी उत्सव के अवसर पर शनिवार को रोहटा में पथ संचलन का आयोजन किया गया। संचलन में स्वयंसेवकों ने अनुशासनबद्ध तरीके से भाग लिया, जो एनएस फार्म हाउस से प्रारंभ होकर कस्बे के मुख्य मार्गों से होकर गुजरा।
कार्यक्रम में जिला कार्यवाह संजय ने विजयदशमी के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने संघ की 100 वर्षों की यात्रा को तीन प्रमुख चरणों में विभाजित करते हुए बताया कि संघ ने समाज में पांच प्रमुख बदलावों को दिशा दी है। उन्होंने कहा कि संघ अब विरोध के मार्ग को पार कर स्वीकृति और समर्थन की स्थिति तक पहुंच चुका है। यह परिवर्तन स्वयंसेवकों के निस्वार्थ सेवा, श्रेष्ठ कार्य पद्धति और समाज में समरसता युक्त आचरण के कारण संभव हो सका है।
पथ संचलन के दौरान कई स्थानों पर स्थानीय ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया और उनका उत्साहवर्धन किया। संचलन में युवाओं से लेकर वरिष्ठ स्वयंसेवकों तक सभी की सहभागिता रही। अध्यक्षता वानप्रस्थ जीवन अपना रहे चंद्रसेन ने की। इस अवसर पर जिला सेवा प्रमुख विनय, अनुज, बबलू एडवोकेट, रविंद्र एडवोकेट, हरि शर्मा, अक्षय भैया, हर्ष, रजनीश, पंकज, राजू, यशवीर शास्त्री, सोमेंद्र, शिवा, इंद्रपाल, हरिओम, कालू, गौरव, पवन, बिट्टू दहिया, राहुल, सुभाष, पप्पू उपस्थित रहे।