मुजफ्फरनगर में तहसील बुढ़ाना और बैंक कर्मचारियों के उत्पीड़न से तंग आकर जहर खाने वाले किसान धनप्रकाश त्यागी की मेरठ मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि किसान के नाम भूमि विकास बैंक बुढ़ाना ने 40 लाख की रिकवरी जारी कर दी थी और बुढ़ाना तहसील के दो संग्रह अमीन जमीन और मकान नीलाम करने की धमकी दे रहे थे। मृतक किसान के परिजनों का दावा है कि उन्होंने बैंक से कोई लोन नहीं लिया था।
मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव सोंहजनी तगान निवासी किसान धनप्रकाश त्यागी (75) पुत्र कालेराम ने 15 जून को कीटनाशक पी लिया था। परिजनों ने उन्हें बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां से उन्हें मेरठ मेडिकल के लिए रेफर कर दिया गया था।
वहीं गुरुवार शाम करीब चार बजे उपचार के दौरान किसान की मौत हो गई। किसान के पौत्र अनुज त्यागी का कहना है कि बुढ़ाना के भूमि विकास बैंक ने वर्ष 2009 में उनके नाम पर 6.50 लाख रुपये का ट्रैक्टर लोन होने की बात कही थी, जबकि उन्होंने यह लोन नहीं लिया था। बैंक अधिकारियों को इसकी जानकारी देने के बाद भी उन पर लोन चुकाने का दबाव बनाया जा रहा था। हाल ही में बैंक ने उक्त लोन के 40 लाख बकाये की आरसी जारी कर दी थी, जिसके बाद बुढ़ाना तहसील ने उनकी रिकवरी जारी कर दी। बुढ़ाना तहसील के अमीन नरेश त्यागी व सुभाष लगातार घर व जमीन नीलाम करने की धमकी दे रहे थे। कुछ दिन पूर्व गांव के मंदिर की दीवारों पर नोटिस भी चस्पा कर दिए गए थे, जिसके बाद से वह तनाव में थे। इसी के चलते उन्होंने जान दी है।
एसडीएम खतौली इंद्राकांत द्विवेदी का कहना है कि किसान काफी समय से बीमार था और बीमारी की वजह से ही उसने आत्महत्या की है। मामले की जांच कराई जा रही है।
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