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तीर्थंकर जैसे बालक को जन्म देने वाली माता श्रेष्ठ

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दिंगबर जैन मंदिर में निकाली गई पालकी शोभा यात्रा में शामिल श्रद्धालु स्रोत संवाद
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हस्तिनापुर। कस्बे में जैन धर्म के पावन तीर्थ क्षेत्र श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर के भव्य त्रिमूर्ति जिनालय में विराजमान भगवान शांतिनाथ की प्रतिमा के सम्मुख चल रहे 40 दिवसीय शांतिनाथ में 28वें दिन 500 परिवारों ने भाग लिया। श्रुत पंचमी पर्व के अवसर पर जिनवाणी शास्त्र को पालकी में विराजमान कर मंदिर प्रांगण में भव्य पालकी शोभा यात्रा निकाली गई। शनिवार को जिनेंद्र भगवान का अभिषेक हुआ, जिसमें शांतिधारा करने का सौभाग्य राजेश कुमार जैन, रश्मि जैन, आकाश जैन विभा जैन, रिषभ जैन को अवसर प्राप्त हुआ।
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क्षेत्र पर विराजमान मुनि भाव भूषण महाराज ने मंगल प्रवचन में कहा कि नारी सैकड़ों पुत्रों को जन्म देती है, किंतु श्रेष्ठ नारी वह है जो तीर्थंकर जैसे बालक को जन्म देती है और स्वयं एक भव अवतारी होकर आत्म कल्याण कर लेती है। पूर्व दिशा ही सूर्य के प्रकाश को प्रकाशित करती है और समस्त लोक उससे प्रकाशित हो जाते हैं। किंतु अन्य दिशाएं सैकड़ों ताराें से प्रकाशित होती हैं। किंतु सूर्य के प्रकाश के कारण सब फीके पड़ जाते हैं। जिनेंद्र भगवान की भक्ति में कहा गया है कि अगर तीर्थकर जैसे बालक को जो माता जन्म देती है वह सर्वोत्रकृष्ट है, वह तीर्थंकर की माता कहलाती है और तीर्थंकर मातृत्व ही सर्वोत्रकृष्ट फल है।
आज जिनवाणी मां की आराधना करने का विशेष पर्व है। जिनवाणी मां हमें संस्कार के दुखोें से छुटकारा दिलाने का मार्ग प्रशस्त करती हैं। पालकी में शास्त्र विराजमान करने का सौभाग्य मोहित जैन, राजेश जैन, सुबोध जैन, सुमन जैन को मिला। इन्द्राणियां अपने मस्तक पर जिनवाणी मां को विराजमान कर शोभा यात्रा में जयकारा लगाते हुए चल रही थी। यह सौभाग्य पिंकी जैन, सुधा जैन, मधु जैन, नरेश जैन, कुसुमलता जैन, कमला बाई जैन, निर्मल जैन, उमा जैन, मंजू जैन, साधना जैन, सुनीता जैन, रेखा जैन आदि को प्राप्त हुआ।
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इस मौके पर क्षेत्र के अध्यक्ष जीवेंद्र कुमार जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र कुमार जैन, विनय कुमार जैन, रोहित जैन मेरठ, शशांक जैन, मुकेश कुमार जैन, उमेश जैन, अतुल जैन, सुदर्शन जैन, नवनीत जैन आदि का सहयोग रहा।

दिंगबर जैन मंदिर में निकाली गई पालकी शोभा यात्रा में शामिल श्रद्धालु स्रोत संवाद

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