संवाद न्यूज एजेंसी
बहसूमा। थाना बहसूमा क्षेत्र के रहावती गांव में बुधवार सुबह मनोरागी हरगोविंद (30) का शव पंखे से लटका मिला। परिजनों ने पुलिस कार्रवाई से इन्कार करते हुए बिना पोस्टमार्टम के ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया। हरगोविंद लंबे समय से मानसिक बीमारी और शराब की लत से परेशान था।
बहसूमा पुलिस के अनुसार हरगोविंद उर्फ होनू काफी समय से बीमार चल रहा था और शराब का आदी भी था। डॉक्टरों ने उसे शराब का सेवन करने के लिए मना किया था, जिससे वह और परेशान रहने लगा था। मंगलवार रात उसने अपने घर में छत के पंखे से लटककर जान दे दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव कब्जे में लेने का प्रयास किया। हालांकि, परिजनों ने पुलिस को लिखित में दिया कि वह इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं। इसके बाद पुलिस लौट गई। मृतक की पत्नी नेहा और उसकी चार वर्षीय बेटी अनन्या का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस के अनुसार ग्रामीणों ने बताया कि हरगोविंद ने पहले भी कई बार आत्महत्या करने की कोशिश की थी। सीओ पंकज लवानिया ने बताया कि परिजनों ने कोई कार्रवाई नहीं कराई और न ही कोई तहरीर दी है।