मेरठ। अब आवंटियों को भवनों का मानचित्र स्वीकृत कराने के लिए एमडीए के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। आवंटी घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर मानचित्र पास करा सकेंगे। शासन ने ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम को लागू कराने की तैयारी कर ली है। मंगलवार को लखनऊ में प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्राधिकरण उपाध्यक्षों से जल्द अधिकारियों के डिजिटल हस्ताक्षर भेजने के निर्देश दिए गए।
शासन की तरफ से 20 जून को आदेश जारी कर दिया गया था। इसे लखनऊ में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया। हालांकि, फिलहाल अभी कोई मानचित्र ऑनलाइन स्वीकृत नहीं हो सका है। इसमें सबसे खास बात यह है कि 500 वर्ग मीटर तक के आवासीय भूखंड की स्वीकृति नगर नियोजक और अधिशासी अभियंता स्तर से ही हो जाएगी। 500 वर्ग मीटर से अधिक और दो हजार वर्ग मीटर से कम आवासीय भूखंड की स्वीकृति मुख्य नगर नियोजक कर सकेंगे। इसके अलावा इसमें समय भी तय किया गया है। अवर अभियंता स्तर पर अधिकतम 15 दिन, सहायक नगर नियोजक स्तर पर चार दिन, नगर नियोजक स्तर पर तीन दिन, मुख्य नगर नियोजक स्तर पर तीन दिन और सचिव, अपर सचिव स्तर पर दो दिन समय सीमा तय की गई है।
आर्किटेक्ट की होगी ट्रेनिंग
इस प्रक्रिया को शुरू करने से पहले प्राधिकरण में रजिस्टर्ड आर्किटेक्ट को ऑनलाइन ट्रेनिंग दी जाएगी। सॉफ्टवेयर के बारे में बताया जाएगा। सॉफ्टवेयर को ऑटो केड तकनीक से जोड़ा गया है। इसमें खास बात यह है कि आवेदन में कोई कमी मिलती है तो जिस ई-मेल आइडी से आवेदन किया है, उस पर आपत्ति की जानकारी आवंटी के पास पहुंच जाएगी। सॉफ्टवेयर में बिल्डिंग बायलॉज के नियम होंगे। इसके बाद आवंटी घर बैठकर ही कमियों को दूर कर लेगा। एमडीए उपाध्यक्ष राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि जल्द ही शासन की तरफ से आर्किटेक्ट का प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी कर दिया जाएगा।
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चार महीने पहले शासनादेश जारी हो चुका है। लेकिन अभी तक प्रक्रिया शुरू नहीं हो रही है। हमें उम्मीद है जल्द इस नए सिस्टम को शुरू किया जाएगा।
- कमल ठाकुर, महामंत्री, रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन