सरधना। ऐतिहासिक बूढ़ा बाबा मेले में शनिवार रात अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन हुआ। उद्घाटन केंद्रीय मंत्री डा. संजीव बालियान व सरधना विधायक संगीता सोम ,महेंद्र कुमार, नवीन कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मुख्य रूप से गौरव, अक्षय जैन व अरिहंत जैन सरधना, एसडीएम सरधना अमित कुमार भारतीय, सीओ पंकज सिंह रहे।
अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन में अनु सपन भोपाल मध्यप्रदेश, चिराग जैन, दिल्ली, शंभू शिखर मधुबनी बिहार, शशिकांत यादव, मध्य प्रदेश, अशोक चारण, राजस्थान, सुदीप भोला जबलपुर, गजेंद्र प्रियांशु, बाराबंकी, हिमांशु अग्रवाल बड़ौत आदि कवि शामिल हुए। सांसद डा संजीव बालियान एवं विधायक संगीत सोम ने संयुक्त रूप से मिलकर मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन शुभारंभ किया। रात 11 बजे कवि सम्मेलन का शुभारंभ हो सका। कवि गजेंद्र प्रियांशु ने अपनी रचना प्रस्तुत करते हुए कहा कि इतने निर्मोही कैसे सजन हो गए, किसकी बांहो में जाकर मगन हो गये। हास्य कवि सुदीप भोला ने देश की सेना के जवानों को काव्य पंक्तियां समर्पित करते हुये कहा कि जल गये चराग, उड़ गये गुलाल से, होलियां दिवालियां मनाई किस कमाल से। अशोक चारण ने कहा कि जो जहरीला घूंट कसम से हंसकर के पी जाऊंगा, मेरी मौत को मिले तिरंगा मरकर भी जी जाऊंगा। कवि चिराग जैन ने कहा कि मेरे पिताजी ने गुड़ियों से खेलने नहीं दिया, क्योंकि वे कहते थे लड़कियां खेलने की चीज नहीं होती। कवि शशिकांत यादव ने कहा कि सीमा की सुरक्षा हेतू जिसने बहाया रक्त, ऐसे नौजवानों की उतारें हम आरती, कवि प्रियांशु गजेद्र ने कहा कि एक आई लहर तुम हो गये मंत्री, हम गधे थे गधे, गधे के गधे ही रह गए। कवि शंभू शिखन ने रचना पढ़ते हुए कहा कि जुल्फों में उंगलियों को फिराने नहीं देते, कलियों के पास भंवरे को जाने नहीं देते। कार्यक्रम की अध्यक्षा भाजपा नेता रामभूल जैन ने की। विशिष्ट अतिथि कुणाल जैन, संजीव कुमार जैन, पूर्व चेयरमैन निजाम अंसारी, भाजपा नगर अध्यक्ष विनोद जैन, मुन्ना चौधरी, शाहवेज अंसारी, सचिन खटीक, विरेंद्र चौधरी, सोनू त्यागी, पंकज जैन, संजीव पंवार आदि मौजूद रहे।