संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। भैंसा मार्ग पर कूड़े का विशाल ढेर लोगों के लिए नारकीय जीवन का कारण बन गया है। लगभग छह साल पहले लाखों रुपये की लागत से लगा कूड़ा निस्तारण प्लांट विफल हो गया था। अब दूसरा प्लांट ठेके पर लगवाया गया है लेकिन उसका लाभ भी लोगों को नहीं मिल पा रहा है।
भैंसा मार्ग पर तीन दशक से अधिक समय से नगर का कूड़ा कचरा डालने का स्थान है। बिना किसी ठोस योजना के यह अब कूड़े के पहाड़ में बदल चुका है। छह साल पहले पूर्व बोर्ड के कार्यकाल में लगभग 90 लाख रुपये की लागत से एक प्लांट लगा था। यह प्लांट कुछ वर्षों बाद ही खराब हो गया।
नया प्लांट पालिका द्वारा ठेके पर लगवाया गया है। ठेकेदार को निस्तारित कूड़े के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी यह प्लांट अक्सर खराब रहता है। कूड़े के पहाड़ में लगातार वृद्धि हो रही है। सड़क पर कूड़ा फैलने से भैंसा मार्ग से निकलना मुश्किल हो गया है।
कूड़े के पहाड़ के पास किराना की दुकान करने वाले अयान का कहना है कि हमेशा धूल और बदबू रहती है। बरसात के दिनों में हालात और अधिक विकट हो जाते हैं। इसके कारण मच्छरों की भरमार है।
वेल्डिंग का काम करने वाले फुरकान का कहना है कि बहुत अधिक परेशानी है। हर आदमी इस कूड़े के पहाड़ से परेशान है।
राजनीतिक आरोप और सुरक्षा चिंताएं
सपा नेता आकाश गुर्जर ने पालिका चेयरमैन को निष्क्रिय बताया है। उनका कहना है कि लोगों को नारकीय जीवन जीना पड़ रहा है। कूड़े के पहाड़ के आसपास 50-60 आवारा कुत्ते रहते हैं। इससे महिलाओं और बच्चों का वहां से निकलना दूभर हो गया है। बदबू और गंदगी का बहुत बुरा आलम है।
पालिका चेयरमैन का पक्ष
पुराना प्लांट उनके कार्यकाल से पहले लगा था। वह मात्र ढाई साल के आसपास ही चल सका। नया प्लांट पांच-छह माह पूर्व ठेके पर लगवाया गया है। प्लांट कम चलने का कारण कूड़े से बनने वाली खाद का उठान न होना है। खाद में कांच, कील आदि होने से किसान उसे नहीं ले जा रहे हैं। -अखिल कौशिक, चेयरमैन, नगर पालिका
भैंसा रोड पर कूडे का पहाड। (मवाना)
भैंसा रोड पर कूडे का पहाड। (मवाना)