सिविल लाइन थाना क्षेत्र के आबू प्लाजा स्थित रघुनंदन ज्वेलर्स के शोरूम पर बुधवार दोपहर एक करोड़ की ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कृष्णा नाम के व्यक्ति ने व्हाट्सएप कॉल कर शोरूम संचालक राकेश प्रकाश अग्रवाल के बेटे तन्मय अग्रवाल कॉल कर एक करोड़ के आभूषण खरीदने का झांसा दिया। इसके बाद कृष्णा ने अपने कथित भतीजे को भेजकर आभूषण पसंद करा लिए। तभी वहां भगवान बुक डिपो के संचालक प्रवीण शर्मा और उनकी पत्नी पहुंचे और उन्होंने एक करोड़ रुपये तन्मय को दे दिए। तभी कथित भतीजा आभूषण लेकर चला गया और प्रवीण शर्मा और ज्वेलर्स में रुपयों को लेकर विवाद शुरू हो गया।
तन्मय का कहना है कि उसने आभूषण के बदले रुपये लिए हैं। वहीं, प्रवीण शर्मा का कहना है कि उसने रुपये आभूषण खरीदने के लिए नहीं बल्कि अपनी अपनी फर्म के खाते में जमा करने के लिए दिए हैं। पुलिस देर रात तक मामले की जांच में जुटी रही।
बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के महामंत्री विजय आनंद अग्रवाल और तन्मय ने बताया कि कृष्णा नाम के युवक ने खुद को दिल्ली का आभूषण कारोबारी बुधवार दोपहर लगभग 1:02 बजे व्हाट्सएप कॉल कर कहा कि उसे एक करोड़ रुपए के आभूषण खरीदने हैं। कृष्णा ने कहा कि वह अपने भतीजे को उनके शोरूम पर भेज रहा है। लगभग 20 मिनट बाद एक युवक ज्वेलर्स के यहां पहुंचा और उसने खुद को कृष्णा का भतीजा बताया। उसने ज्वेलर्स के यहां से लगभग 601 ग्राम सोने के आभूषण गले का हार, अंगूठी, बुंदे आदि पसंद कर लिए। इनके फोटो कृष्णा के व्हाट्सएप पर भी भेजे।कृष्णा से ज्वेलर्स ने ऑनलाइन भुगतान करने के लिए कहा। कृष्णा ने कहा कि अभी वह ऑनलाइन भुगतान नहीं कर सकता फिलहाल वह नकदी आपके पास भेज रहा है। बाद में वह नकदी वापस लेकर ऑनलाइन भुगतान कर देंगे।
लगभग तीन बजे रघुनंदन ज्वेलर्स के शोरूम पर प्रवीण शर्मा पहुंचे। उन्होंने अपनी पत्नी से मंगाकर एक करोड़ रुपये ज्वेलर्स को दे दिए। तन्मय का कहना है कि इसी दौरान कृष्णा ने कॉल कर कहा कि उसने रुपये भेज दिए हैं। आभूषण 99.85 लाख रुपये के थे। शेष रुपये उन्होंने कृष्णा के कथित भतीजे को दे दिए और वह आभूषण लेकर चला गया। प्रवीण शर्मा ने तन्मय से कहा कि उसे रुपये वापस कर दो क्योंकि उसका काम नहीं हुआ। इस बात पर ज्वेलर्स और प्रवीण शर्मा में विवाद शुरू हो गया।
संपत्ति खरीदने के लिए दिए थे रुपये
प्रवीण शर्मा शहर के नामी पुस्तक कारोबारी हैं। उनका कहना है कि उन्हें एक संपत्ति खरीदनी थी। इसके लिए उन्हें अपनी फर्म के खाते में रुपये जमा कराने थे। उनके परिचित बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी पुष्पेंद्र व राजवीर ने कृष्णा से बात कराई थी। कृष्णा के कहने पर वह शोरूम पर पैसे देकर खाते में रुपये जमा (एंट्री) कराने आया था। पैसे गिनने के बाद उन्हें बाहर सोफे पर बैठा दिया। एंट्री नहीं होने पर उन्होंने रुपये वापस मांगे तो ज्वेलर्स ने नहीं लौटाए। विवाद शुरू होने पर प्रवीण शर्मा पक्ष के लोग और महिलाएं शोरूम पर पहुंची। कुछ देर में पुलिस भी वहां पहुंच गई लेकिन विवाद नहीं सुलझा। पुष्पेंद्र और राजवीर को भी बुला लिया गया। पुलिस तन्मय, प्रवीण शर्मा, पुष्पेंद्र और राजवीर को लेकर थाने आ गई और देर रात पूछताछ में जुटी रही। हालांकि आशंका है कि ठग गिरोह ने कृष्णा नाम से तन्मय और प्रवीण शर्मा से बात कर एक करोड़ की धोखाधड़ी की है। ठगी के अजीबो गरीब तरीके के इस संबंध में तन्मय और प्रवीण शर्मा ने पुलिस को शिकायत दी है।
इन सवालों के जवाब ढूंढ रही पुलिस
कृष्णा नाम से एक ही व्यक्ति ने बात की या एक गिरोह के दो अलग-अलग सदस्य हैं।
जिन नंबरों से बात की गई वह नंबर किसके हैं और उनकी लोकेशन क्या है।
कथित भतीजा शोरूम से आभूषण लेकर कहां गया।
प्रवीण शर्मा ने रुपये देकर एंट्री कराने की बात कही है यह पूरा मामला क्या है।
पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कृष्णा और उसके कथित भतीजे का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। तन्मय और प्रवीण शर्मा दोनों से कृष्णा नाम के व्यक्ति से बात की थी। जल्द पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। -नवीना शुक्ला, सीओ कैंट