कंकरखेड़ा (मेरठ)। शहर से लेकर देहात तक कुत्ते खूंखार हो गए हैं। कंकरखेड़ा में पालतू कुत्ते ने 13 साल की बुलबुल और सरधना में चार साल की जन्नत पर हमला कर घायल कर दिया। कंकरखेड़ा में बच्ची के पिता ने कुत्ते मालिक पर चाकू से हमला कर दिया। कुत्ते मालिक की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दिया।
कस्बा चौकी प्रभारी विनीत कुमार ने बताया कि बादाम मंडी निवासी अनिल दो दिन पूर्व अपनी बेटी को सड़क पर घूमा रहा था। किशन अपने पालतू कुत्ते को बाजार में लेकर घूमने के लिए निकला था। इसी बीच कुत्ते ने बच्ची पर हमला कर दिया। हमले में बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई थी। घटना के समय मौके पर लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई थी। स्थानीय लोगों ने किसी तरह समझाकर मामले को शांत कर दिया था। लेकिन कुछ देर बाद अनिल चाकू लेकर किशन के पास पहुंचा। उसने किशन पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था। पुलिस के पहुंचने से पहले हमलावर मौके से भाग गया था। पुलिस ने रविवार को आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया। एसपी सिटी का कहना है कि मुकदमे के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
लोगों ने लाठी से पीटकर कुत्ते को भगाया
सरधना। नगर के मोहल्ला किला खेवान में चार वर्षीय मासूम पर कुत्तों ने हमला कर दिया। आवारा कुत्तों के हमले से मासूम बच्ची घायल हो गई। आसपास मौजूद लोगों ने डंडे फटकार कर मासूम को कुत्तों के चंगुल से बचाया।
मोहल्ला किला खेवान निवासी चार वर्षीय जन्नत पुत्री गुलजार रविवार को घर के बाहर खेल रही थी। इसी बीच आवारा कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। कुत्तों ने बच्ची के चेहरे पर काट कर घायल कर दिया। शोर सुनकर आसपास के लोगों ने डंडे से फटकार कर कुत्तों को भगाकर बच्ची को चंगुल से छुड़ाया। इसके बाद परिजनों ने बच्ची को सीएचसी में भर्ती कराया। लोगों ने बताया कि पिछले दस दिन में कुत्ते कई लोगों को काट चुके हैं। अगर उस दौरान ही शिकायत करते तो आज चार वर्ष की बच्ची घायल नहीं होती। एसडीएम सरधना महेश प्रसाद दीक्षित का कहना है कि नगर पालिका को पत्र लिखकर अभियान चलवाकर आवारा कुत्तों को पकड़वाया जाएगा।
बढ़ रहा आतंक
नगर व देहात में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता ही जा रहा है। आए दिन आवारा कुत्ते व बंदर अचानक से किसी पर भी हमला कर देते हैं। इसके चलते स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है। लोग अधिकारियों से कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन आवारा कुत्तों व बंदरों से छुटकारा नहीं मिला है। प्रतिदिन आतंक बढ़ता ही जा रहा है। पिछले एक महीने में आवारा कुत्तों के हमले से बच्चों समेत दो दर्जन से भी अधिक लोग घायल हो चुके हैं। इसी तरह का हाल बंदरों का भी है। राहगीरों व बच्चों पर हमला कर घायल कर रहे हैं। मोहल्ला कमरानवाबान, तहसील रोड, आजाद नगर, आदर्श नगर व गांव कालंद, बपारसी मुल्हेड़ा, छुर आदि में आवारा कुत्तों व बंदरों का आतंक देखा गया है। स्थानीय निवासी विशाल, रोहित, अशफाक, शबाब, कुलदीप, धर्मेंद्र, पंकज, अर्जुन, मोहित, सिराजु ने बताया कि आवारा कुत्तों के झुंड के सामने से निकलना मुश्किल है। वहीं, बंदर बच्चों व महिलाओं को अकेला देखकर हमला कर देते हैं। महिलाओं व बच्चों ने डर के चलते मकान की छतों पर जाना भी छोड़ दिया है। उन्होंने प्रशासन से इन्हें पकड़वाने की मांग की है।