सरधना। कांवड़ यात्रा के दौरान रविवार को गंगनहर पटरी मार्ग पर एक ऐसा जत्था जिसमें शामिल श्रद्धाल
- सनातन धर्म अपनाने का दावा करने वाले श्रद्धालु पहली बार बने कांवड़िया
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना (मेरठ)। सावन माह की कांवड़ यात्रा के दौरान रविवार को गंगनहर पटरी मार्ग पर एक ऐसा जत्था लोगों के बीच चर्चा का विषय बना, जिसमें शामिल श्रद्धालुओं ने स्वयं को पूर्व में मुस्लिम और अब सनातन धर्म का अनुयायी बताया। श्रद्धालुओं का कहना था कि धर्म परिवर्तन के बाद वह पहली बार कांवड़ यात्रा में शामिल हुए हैं। मार्ग में कई स्थानों पर उनका स्वागत किया गया और श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर उनका उत्साहवर्धन किया।
जत्थे में शामिल सहारनपुर निवासी शंकर ने बताया कि वह पहले शहजाद नाम से जाने जाते थे। उनके साथ उनकी पत्नी सावित्री भी यात्रा में शामिल हैं, जिनका दावा है कि उन्होंने भी सनातन धर्म अपनाया है। दोनों गंगाजल लेकर गाजियाबाद के दूधेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक करने जा रहे हैं। उनके साथ बिजनौर निवासी राजन समेत अन्य श्रद्धालु भी यात्रा में शामिल हैं। सभी ने स्वयं को धर्म परिवर्तन के बाद पहली बार कांवड़ यात्रा करने वाला बताया। श्रद्धालुओं का कहना है कि उन्होंने स्वेच्छा से सनातन धर्म अपनाया और अब भगवान शिव की आराधना के उद्देश्य से कांवड़ यात्रा कर रहे हैं।
उनका दावा है कि धर्म परिवर्तन के बाद उन्हें समाज का सहयोग और अपनापन मिला, जिससे उनकी धार्मिक आस्था और मजबूत हुई। यात्रा के दौरान कई कांवड़ सेवा शिविरों और सामाजिक संगठनों की ओर से जत्थे का स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं को फूलमालाएं पहनाई गईं और जलपान भी कराया गया। पूरे मार्ग पर हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष गूंजते रहे। शंकर ने बताया कि यह उनकी पहली कांवड़ यात्रा है और उनका जत्था गाजियाबाद स्थित दूधेश्वर महादेव मंदिर में गंगाजल अर्पित कर यात्रा का समापन करेगा।