फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: 'साहब 15 दिन बाद शादी है... छोड़ दो मुझे, पुलिस के सामने इसलिए गिड़गिड़ाया दरोगा का बेटा; जानें पूरा मामला

Mon, 25 Nov 2024 10:57 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

एसटीएफ ने 17 बंदूक और 700 कारतूस के साथ रोहन को गिरफ्तार किया है। रोहन दरोगा का बेटा है। पुलिस भर्ती में असफल होने पर वह मोटे मुनाफे के लालच में हथियार तस्कर बन गया।
विज्ञापन
दरोगा का हथियार तस्कर बेटा रोहन। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दरोगा के बेटे रोहन को पुलिस ने पकड़ा तो उसने कहा कि साहब छोड़ दो। 15 दिन बाद शादी है। जेल चला गया तो बड़ी बदनामी हो जाएगी और शादी भी टूट जाएगी। वहीं एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि रोहन ने पुलिस में भर्ती होने का प्रयास किया था। नाकाम होने पर वह हथियार तस्कर बन गया। मोटे मुनाफे के लालच में बड़े स्तर पर ऑन डिमांड पंजाब से हथियार लाकर बिक्री करने लगा।
विज्ञापन

 

तस्कर रोहन से बरामद किए गए हथियार। - फोटो : अमर उजाला
एसटीएफ के मुताबिक, हथियार तस्करी में पकड़े गए दरोगा के बेटे रोहन ने पोस्ट ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई की है। उसने यूपी पुलिस में भर्ती की तैयारी भी की थी। रोहन ने शारीरिक परीक्षा में पास होने के लिए खूब पसीना बहाया और लिखित परीक्षा की भी तैयारी की। लेकिन पुलिस में उसकी नौकरी नहीं लग पाई। इसके बाद अब वह ठेकेदारी करने लगा। ठेकेदारी के काम के दौरान ही उसकी मुलाकात हथियार तस्कर अनिल बालियान से हुई तो पैसा कमाने के लालच में वह हथियारों की तस्करी से जुड़ गया। 

रोहन ग्राहकों को खोजता था, उनका नेटवर्क तैयार करता था। सौदा तय होने के बाद जिन्हें हथियार चाहिए होता था, उनको यह लोग सप्लाई कर देते थे। रोहन की स्कॉर्पियो से एसटीएफ ने पांच सिंगल बैरल और 12 डबल बैरल बंदूक अवैध बंदूक बरामद की हैं।

 

कृषि विवि के डीन पर हमले में आया था गिरोह का नाम
मुजफ्फरनगर के सिसौली कस्बा निवासी अनिल बंजी पुराना हथियार तस्कर है। वह सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विवि मेरठ के डीन राजवीर सिंह पर हुए हमले के मामले में जेल में है। उसका साथी भौराकलां के सदरूद्दीन नगर उर्फ माजरा निवासी अनिल उर्फ पिंटू को शामली पुलिस ने पांच अप्रैल 2022 को एके-47 राइफल, 7.62 एमएम के 700 कारतूस, एके-47 राइफल के 4.55 एमएम के 600 कारतूस, चार मैग्जीन और एक ड्रम मैग्जीन के साथ पकड़ा था। ये हथियार संजीव जीवा गैंग से 11 लाख रुपये में खरीदे गए थे। इन्हें डीन राजवीर सिंह पर हुए हमले में इस्तेमाल करना था। लेकिन अनिल बंजी ने योजना बदल दी थी।
विज्ञापन

शारिक-सलमान समेत कई गैंग के लिए खरीदता है हथियार
यह गिरोह मेरठ के शारिक और सलमान गैंग से .30 बोर की पिस्टल एक लाख रुपये में खरीदता था। जिन्हें डेढ़ लाख रुपये में दीपक भूरा निवासी रमाला जिला बागपत, विपिन निवासी वाजिदपुर और पिंटू दाढ़ी निवासी बिनौली को बेचा गया था। इसके अलावा गिरोह के वेस्ट यूपी के कई बड़े गिरोह व बदमाशों को भी हथियार बेचने की जानकारी एसटीएफ को मिली है। जिसकी पड़ताल की जा रही है।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें