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अब 'संजू' की तरह सामने आएगा मुन्ना बजरंगी, बागपत जेल में फिर चलेगा खूनी खेल

Sat, 14 Jul 2018 09:35 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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लेखक परशुराम शर्मा (बाएं) - फोटो : file photo
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‘मुन्नाभाई’ सीरीज के जरिये संजय दत्त के करियर की बेहतरीन फिल्में देने वाले राजकुमार हिरानी ने ‘संजू’ में उनकी जिंदगी को जिस तरह से परदे पर उतारा है, अब ठीक उसी तरह से मेरठ के मशहूर लेखक परशुराम शर्मा भी मुन्ना बजरंगी की जिंदगी को परदे पर उतारने जा रहे हैं। क्या वाकई फिर से बागपत जेल में खूनी खेल चलेगा। इस पर जल्द ही फिल्म बनेगी।

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जी हां, मुन्ना बजरंगी के सफर की दास्तां अब बड़े पर्दे पर भी नजर आएगी। मेरठ के मशहूर लेखक परशुराम शर्मा इस कहानी के लिए स्क्रीनप्ले तथा संवाद लिखेंगे। खबरों के मुताबिक, परशुराम अपना पूरा ध्यान मुन्ना की कहानी पर लगा रहे हैं। परशुराम शर्मा ने दो सौ से भी अधिक उपन्यास लिखे हैं जिनमें अंगारा, दारा व जलीकट्टू जैसे कॉमिक किरदारों को काफी लोकप्रियता मिली।

शर्मा के मुताबिक, एक बस कंडक्टर से इनामी डॉन बने मुन्ना की बचपन से लेकर दुस्साहसिक वारदातों को अंजाम देने और दस साल तक एक ऑटो चालक के रूप में मुंबई में रहकर पुलिस को चकमा देने की दास्तां को भी इस फिल्म में दर्शाया जाएगा।

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बड़े डायरेक्टर के निर्देशन में बनेगी फिल्म

हालांकि यह अभी साफ नहीं हुआ है कि इस फिल्म का निर्माता निर्देशक कौन होगा? लेकिन परशुराम के अनुसार एक बड़े निर्देशक ने उनसे फिल्म की कहानी लिखने की बात की है। इसलिए वह इस फिल्म की कहानी पर फोकस कर रहे हैं। 

लेखक परशुराम शर्मा के अनुसार इस फिल्म की कहानी लिखने के दौरान वह मुन्ना बजरंगी के परिजनों, दोस्तों, गांववालों तथा पुलिस अधिकारियों से भी बातचीत करेंगे। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में पूर्वांचल के माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की बीते दिनों बागपत जेल में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
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कौन हैं परशुराम ?

करीब तीन सौ उपन्यास और अनेक कॉमिक्स प्रकाशनों के लिए सैकड़ों कॉमिक्स लिख चुके परशुराम मेरठ में अपना क्रिएटिव इंस्टीट्यूट चलाते हैं। बहुमुखी प्रतिभा के धनी परशुराम लेखन के अलावा गायन, वादन, निर्देशन व अभिनय के क्षेत्र में भी हाथ आजमा चुके हैं। फिलहाल वह बच्चों को संगीत की शिक्षा देते हैं। 

एक वक्त था जब परशुराम के उपन्यास की जमकर बिक्री होती थी। कुछ वक्त बाद उन्हें कॉमिक्स के लिए पहचाना जाने लगा। कोरे कागज का कत्ल, तलाक-तलाक-तलाक, धारा शून्य उपन्यास काफी लोकप्रिय रहे। उपन्यास के बाद परशुराम शर्मा बाल साहित्य लिखना शुरू किया। इनमें अंगारा, नागराज, दारा और जलीकट्टू कैरेक्टर गढ़कर देशभर में लोकप्रियता हासिल की। 

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